राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम के 71वें स्थापना दिवस पर डिजाइन क्लिनिक सुविधा का शुभारंभ

आरएस अनेजा, 03 जनवरी नई दिल्ली

राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम (एनआरडीसी) के 71वें स्थापना दिवस पर नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में डिज़ाइन क्लिनिक सुविधा का शुभारंभ किया गया। एनआरडीसी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) के प्रशासनिक नियंत्रण में है।

डीएसआईआर के सचिव और वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के महानिदेशक डॉ. एन. कलईसेलवी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान, मध्य प्रदेश के साथ भागीदारी में डिजाइन क्लिनिक सुविधा का उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक केंद्र स्टार्टअप, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) को सहायता देने तथा उद्योगों में डिजाइन नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए बनाया गया है।

डॉ. कलईसेलवी द्वारा उद्घाटन की गई यह सुविधा भारत के उद्यमशील इकोसिस्‍टम के लिए एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम साबित होगी। यह स्टार्टअप्स को सहायता देने के लिए एनआरडीसी द्वारा विकसित किए जा रहे वन-स्टॉप-शॉप समाधान का एक अभिन्न अंग होगा।"

समारोह के दौरान, एनआरडीसी के सीएमडी कमोडोर अमित रस्तोगी (सेवानिवृत्त) ने तकनीकी उत्कृष्टता और नवाचार को प्रोत्साहन देकर तथा स्टार्टअप इकोसिस्‍टम का सहयोग कर भारत की आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने की निगम की समृद्ध विरासत को साझा किया। उन्होंने तकनीकी प्रगति और उद्योग में उनके अनुप्रयोग के बीच के अंतर को कम करने और एनआरडीसी की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी विचार किया, तथा नवाचार-संचालित अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने के लिए निगम की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।

एनआरडीसी और राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान, मध्य प्रदेश की निदेशक डॉ. विद्या राकेश के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओए) पर भी एनआरडीसी के निदेशक मंडल और डीएसआईआर और सीएसआईआर के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य नवाचार, अनुसंधान और डिजाइन उत्कृष्टता को प्रोत्साहन देना है, जो भारत के डिजाइन परिदृश्य को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एमओए का आदान-प्रदान एनआरडीसी को डिजाइन सुविधा बनाने के चल रहे प्रयासों का प्रतीक है जो एनआरडीसी इनक्यूबेशन सेंटर में इनक्यूबेट किए गए स्टार्टअप का समर्थन करता है और देश भर में अन्य हितधारकों की सेवा करता है।"

मुख्य अतिथि डॉ. एन. कलईसेलवी ने अपने संबोधन में भारत के अनुसंधान एवं विकास इकोसिस्‍टम के भविष्य को स्वरुप देने में अनुसंधान, नवाचार और सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। इसके साथ ही अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन में एनआरडीसी की भूमिका, एनआरडीसी और सीएसआईआर के बीच गहन जुड़ाव और अन्य विषयों पर भी जानकारी दी। उन्‍होंने भारत को आत्‍मनिर्भर बनाने में एनआरडीसी की भूमिका को रेखांकित किया।

कार्यक्रम में हाल ही में दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की स्मृति में राष्ट्र के प्रति उनके योगदान और सेवा के लिए एक मिनट का मौन भी रखा गया।

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