साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए डीजीपी शत्रुजीत कपूर की अध्यक्षता में सम्मेलन आयोजित

चंडीगढ़, 03 जनवरी (अभी): हरियाणा पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर की अध्यक्षता में आज हरियाणा 112 सभागार में उच्च स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में प्रदेश भर के एएसपी, डीएसपी, सभी 29 साइबर एसएचओ और साइबर जांच अधिकारियों ने भाग लिया। साइबर अपराध नियंत्रण से संबंधित विभिन्न तकनीकी पहलुओं और सर्वोत्तम प्रथाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त करते हुए पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने कहा कि साइबर अपराध को लेकर हरियाणा में सराहनीय कार्य हुआ है। अगस्त 2023 में साइबर अपराध में ठगी गई राशि का केवल 7% हिस्सा पकड़ा गया था, जो अब बढ़कर 27% हो गया है। साइबर अपराध को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा पुलिस द्वारा किए गए कार्यों की पूरे देश में सराहना हो रही है। जिसके चलते सितंबर 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बेस्ट-1930 साइबर टीम अवार्ड से सम्मानित किया गया। आज साइबर क्राइम को लेकर हरियाणा में जो काम हुआ है, उसे भारत के कई राज्य भी दोहरा रहे हैं। आज हरियाणा पुलिस के साथ 10 बैंकों के 15 नोडल अधिकारी काम कर रहे हैं और अब अगले सप्ताह से एसबीआई बैंक के नोडल अधिकारी भी हरियाणा पुलिस टीम के साथ काम करेंगे। ये बैंक अधिकारी हरियाणा पुलिस टीम के साथ 24 घंटे काम करते हैं।

श्री कपूर ने कहा कि वर्ष 2023 में हरियाणा पुलिस ने करीब 1900 गिरफ्तारियां की थीं, जो वर्ष 2024 में बढ़कर करीब 5156 हो गईं। इस प्रकार वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2024 में हरियाणा पुलिस ने करीब तीन गुना अधिक गिरफ्तारियां कीं। इसी प्रकार, वर्ष 2023 में हरियाणा में करीब 602 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी की घटनाएं सामने आईं, जबकि 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 980 करोड़ रुपये हो गया। वर्ष 2023 में साइबर अपराधियों से करीब 76 करोड़ रुपये बचाए गए, जबकि 2024 में करीब 268 करोड़ रुपये बचाए गए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जाएं और इसके लिए अपने अधीनस्थ अधिकारियों को लक्ष्य भी दिए जाएं तथा लापरवाह अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी पर जोर दिया। श्री कपूर ने कहा कि साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए हम सभी को एक दिशा में प्रभावी कार्ययोजना के तहत काम करना होगा, तभी परिणाम और भी बेहतर होंगे। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध एक गंभीर मुद्दा है, जिससे निपटने के लिए हर दिन नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह जरूरी है कि सभी को अपनी जिम्मेदारी स्पष्ट हो और काम को लेकर किसी तरह की शंका न हो। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य हमारी कार्य प्रक्रिया और कार्ययोजना में सुधार लाकर क्षमता निर्माण करना है।

कॉन्फ्रेंस में एसपी साइबर अमित दहिया ने डिजिटल गिरफ्तारी, साइबर ठगी के लिए साइबर अपराधियों द्वारा निवेश घोटाले और जांच के साइबर तकनीकी पहलुओं में अपनाए जाने वाले तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने आई4सी समन्वय पोर्टल, समन्वय पोर्टल, ओएसएनआईटी टूल्स, एम कवच मोबाइल एप, एंटीवायरस और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानकारी दी। कॉन्फ्रेंस में श्री दहिया ने आरबीआई की 19 नवंबर 2024 की नई गाइडलाइन और सोशल इंजीनियरिंग अपराधों के बारे में भी जानकारी दी। इसके अलावा डिजिटल गिरफ्तारी, निवेश धोखाधड़ी, क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी, अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी कॉल, एनसीआरपी और समन्वय पोर्टल, बैंक नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने और कई अन्य विषयों पर भी जानकारी दी गई। सम्मेलन में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक साइबर ममता सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ईआरएस हरदीप दून सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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