महाकुंभ जाने के लिए चुकाने पड़ रहे हजारों रुपये; महंगे हो गए फ्लाइट्स के टिकट

आरएस अनेजा, 27 जनवरी नई दिल्ली

विमानन नियामक डीजीसीए ने एयरलाइन कंपनियों से महाकुंभ के मद्देनजर प्रयागराज के लिए हवाई किराए को तर्कसंगत बनाने को कहा है। विश्व हिंदू परिषद ने सोमवार को दावा किया कि कुछ एयरलाइनों द्वारा प्रयागराज के लिए उड़ानों के किराए में "अत्यधिक वृद्धि" के कारण श्रद्धालुओं को महाकुंभ मेले में आने में "गंभीर असुविधाओं" का सामना करना पड़ रहा है। जिसके बाद सरकार से इस मुद्दे के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले के कारण हवाई किराए में लगभग 600 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जहां करोड़ों लोग पहले ही डुबकी लगा चुके हैं और 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रमुख स्नान के दिन भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।

वीएचपी ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जहां उत्तर प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाएं मुहैया कराने का पूरा ध्यान रख रही है, वहीं कई धार्मिक, सामाजिक और परोपकारी संगठन और लोग कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निस्वार्थ सेवा में लगे हुए हैं। उन्होंने एक बयान में कहा, लेकिन कुछ एयरलाइन कंपनियां यात्रियों की बढ़ती संख्या का अनुचित लाभ उठाते हुए हवाई किराए में अत्यधिक वृद्धि कर रही हैं। उन्होंने अपने इकोनॉमी क्लास के किराए में 200 प्रतिशत से 700 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी है, जिसके कारण महाकुंभ में आने वाले और वहां से लौटने वाले श्रद्धालुओं को गंभीर असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

वीएचपी ने कहा भारतीय रेलवे ने महाकुंभ में तीर्थयात्रा के लिए आने वाले और अपने घर लौटने वाले यात्रियों के लिए अपनी सेवाओं का विस्तार किया है तथा किराया भी सीमित रखा है। इसी तरह एयरलाइन कंपनियों को अपने किराए सीमित करने चाहिए तथा यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं और सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, यदि एयरलाइन कंपनियां कुंभ देखने और वहां से लौटने वाले यात्रियों के टिकट के मूल्य का ध्यान नहीं रखती हैं तो नागरिक उड्डयन मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों को इस संबंध में तत्काल कदम उठाने चाहिए।

वहीं हवाई किराये में बढ़ोतरी के कारण विमानन नियामक डीजीसीए को हस्तक्षेप करना पड़ा है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग विश्व के सबसे बड़े धार्मिक समागम में पहुंचने की उम्मीद कर रहे हैं, खासकर मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख स्नान के दिनों में। विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरलाइन कंपनियों से महाकुंभ के मद्देनजर प्रयागराज के लिए उड़ानों के किराए को तर्कसंगत बनाने को कहा है। डीजीसीए ने जनवरी में 81 अतिरिक्त उड़ानों को भी मंजूरी दी है, जिससे महाकुंभ के कारण मांग को पूरा करने के लिए प्रयागराज से देश भर से हवाई संपर्क बढ़कर 132 उड़ानों तक हो गया है। एयरलाइनों ने हमेशा टिकट की कीमतों में वृद्धि को आपूर्ति और मांग के आधार पर उचित ठहराया है। हालांकि, आलोचकों का तर्क है कि यह मुनाफाखोरी के बराबर है।

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