केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 100-दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान पर की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक
आरएस अनेजा, नई दिल्ली 22 दिसम्बर
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, जगत प्रकाश नड्डा ने आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों/उपराज्यपालों और राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ एक बैठक की, जिसमें उन्होंने चल रहे 100-दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान के लिए उनके सहयोग का अनुरोध किया। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री, श्री प्रतापराव जाधव भी वर्चुअल रूप से बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्रियों/उपराज्यपालों और स्वास्थ्य मंत्रियों को अभियान, इसके उद्देश्यों, किए जा रहे प्रमुख रणनीतिक गतिविधियों और अभियान के सफल कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की भूमिका का एक संक्षिप्त विवरण दिया गया।
बैठक में उपस्थित राज्यों के मंत्रियों में श्री योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश; डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश; श्री भूपेंद्र पटेल, मुख्यमंत्री, गुजरात; श्री भजन लाल शर्मा, मुख्यमंत्री, राजस्थान; श्री माणिक साहा, मुख्यमंत्री, त्रिपुरा; श्री पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड; श्री सत्य कुमार यादव, स्वास्थ्य मंत्री (आंध्र प्रदेश); श्री बियुराम वाहगे, स्वास्थ्य मंत्री (अरुणाचल प्रदेश); श्री अशोक सिंघल, स्वास्थ्य मंत्री (असम); श्रीमती आरती राव, स्वास्थ्य मंत्री (हरियाणा); श्रीमती सकीना इट्टू, स्वास्थ्य मंत्री (जम्मू और कश्मीर); डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, स्वास्थ्य मंत्री (हिमाचल प्रदेश); श्री विश्वजीत पी. राणे, स्वास्थ्य मंत्री (गोवा); श्री दिनेश गुंडू राव, स्वास्थ्य मंत्री (कर्नाटक); श्री पी. पैवांग कोन्याक, स्वास्थ्य मंत्री (नागालैंड); डॉ. मुकेश महालिंग, स्वास्थ्य मंत्री (ओडिशा); डॉ. बलबीर सिंह, स्वास्थ्य मंत्री (पंजाब); श्रीमती वीना जॉर्ज, स्वास्थ्य मंत्री (केरल); श्री मा. सुब्रमण्यम, स्वास्थ्य मंत्री (तमिलनाडु); श्री इरफान अंसारी, स्वास्थ्य मंत्री (झारखंड); श्री दामोदर राजानरसिम्हा, स्वास्थ्य मंत्री (तेलंगाना); श्रीमती माजेल अमपारीन लिंगदोह, स्वास्थ्य मंत्री (मेघालय); श्री पी लालरिंपुई, स्वास्थ्य मंत्री (मिजोरम) और श्री रमाकांत गोस्वामी, श्रम मंत्री (दिल्ली) शामिल थे।
श्री नड्डा ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे राज्य स्तर पर अभियान की निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि राजनीतिक और प्रशासनिक नेतृत्व द्वारा जिला स्तरों पर भी ऐसा ही किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार के संपूर्ण दृष्टिकोण को सुनिश्चित करने के लिए, राष्ट्रीय स्तर पर अपनाए गए दृष्टिकोण के समान, जन भागीदारी की भावना से अन्य मंत्रालयों और विभागों को अभियान गतिविधियों में सहयोग देने के लिए शामिल किया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से निर्वाचित प्रतिनिधियों, विशेष रूप से विधान सभाओं और परिषदों के सदस्यों के साथ-साथ पंचायती राज संस्थाओं को शामिल करने और समुदायों को जोड़ने में मदद करने के लिए उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने का भी अनुरोध किया।