महापुरुषों ने भारत को स्वतंत्रता दिलवाने और भारतीय संविधान को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

चंडीगढ़, (KK)- प्रदेश के महामहिम राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने 75 वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर पानीपत के शिवाजी स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय ध्वज फहराया और प्रदेशवासियों को शुभ संदेश दिया। राज्यपाल श्री बंडारू ने कहा कि ये भारत का समय है और भारत अब तेजी से आगे बढ़ने वाला है। 74 वर्ष पहले वर्ष 1950 में आज ही के दिन हमारा संविधान लागू हुआ था। इसी संविधान के कारण हम सभी को समान न्याय, स्वतंत्रता एवं समानता का अधिकार मिला।

        उन्होंने इस मौके पर पर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर सहित संविधान सभा के तमाम सदस्यों को नमन करते हुए कहा कि आज का यह ऐतिहासिक दिन देशवासियों को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने के लिए साहस और प्रेरणा देता है। इस दिन हम उन महापुरुषों को भी याद करते हैं, जिन्होंने भारत को स्वतंत्रता दिलवाने और भारतीय संविधान को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनकी बदौलत ही भारत आज एक गणराज्य देश कहलाता है। देश को आजादी दिलाने के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, लाला लाजपत राय, सरदार वल्लभ भाई पटेल, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों ने कड़ा संघर्ष किया। शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, चंद्रशेखर आजाद और उधम सिंह जैसे क्रांतिकारियों के बलिदानों के कारण ही आज हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं।

        उन्होंने कहा कि महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत में ‘‘पूर्ण स्वराज‘‘ के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया है। उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि उनकी आने वाली पीढिय़ां किसी की गुलाम बनकर न रहे और स्वतंत्र रूप से अपने अधिकारों का निर्वहन कर सके। भाइयो-बहनो! हमारे देश के गणतंत्र ने देशवासियों को सामाजिक समरसता तथा जन प्रतिनिधित्व का अधिकार दिया है। स्वतंत्रता के बाद से ही भारत दुनिया में एक बड़ी ताकत के तौर पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहा है। इसका श्रेय हमारे उन राजनेताओं को, यहां के कर्मठ किसान-मजदूरों को, कारीगरों को तथा साईंसदानों को जाता है जिन्होंने दिन-रात एक करके इस देश को विकास की गति प्रदान की। आज हमारा भारत देश प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में चहुंमुखी प्रगति कर रहा है।

        राज्यपाल ने कहा कि सदियों की प्रतीक्षा और सदियों का अभूतपूर्व धैर्य, अनगिनत बलिदान, त्याग और तपस्या के बाद हमारे प्रभु श्री राम का मंदिर अयोध्या में स्थापित हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के फलस्वरूप 22 जनवरी, 2024 का सूरज देश में एक अद्भुत आभा लेकर आया है। इस दिन अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद से प्रतिदिन पूरे देश में उमंग और उत्साह बढ़ता ही जा रहा है। भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से देशवासियों को सदियों के धैर्य की धरोहर के रूप में श्रीराम का मंदिर मिला है। राम के इस काम में कितने ही लोगों ने त्याग और तपस्या की पराकाष्ठा दिखाई है। हम सब उन अनगिनत राम भक्तों के, उन अनगिनत कारसेवकों के और उन अनगिनत संत महात्माओं के भी ऋणी हैं।

        उन्होंने कहा कि आज हर सरकारी योजना के पारदर्शी तरीके से लागू किए जाने से घर बैठे गरीब की बेटी की शादी का शगुन, बुजुर्ग, विधवा व दिव्यांगों की पेंशन, बी.पी.एल. कार्ड, चिरायु कार्ड का लाभ, किसानों को उनकी फसल का भुगतान कम्प्यूटर की एक क्लिक से सीधे पात्र के खाते में जाता है। हमने सरकारी कर्मचारियों के लिए चिकित्सा सुविधा में कैशलेस प्रणाली को भी लागू किया है।

        उन्होंने कहा कि ‘सुशासन से सेवा’ के संकल्प के साथ जनसेवा का दायित्व संभालने वाली वर्तमान सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ और ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ के मूलमंत्र पर चलते हुए समस्त हरियाणा और प्रत्येक हरियाणवी की तरक्की और उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया है। वर्ष 2024 को ’संकल्प से परिणाम’ वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। गीता के कर्म के संदेश की इस पावन हरि की भूमि के इतिहास में धार्मिक असहिष्णुता और हिंसा का कोई स्थान नहीं रहा है। इसी के अनुरूप हम प्रदेश में प्रेम, प्यार और भाईचारे की बयार बहाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। 

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