हरियाणा के सभी सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं पूरी: मनोहर लाल

चंडीगढ़, (KK) हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि शिक्षा हमारे समाज का मौलिक आधार है और सरकार प्रतिबद्ध है कि हर एक बच्चे को उच्चतम स्तर की शिक्षा प्रदान की जाए ताकि वे उन्नत, समर्पित और समर्थ नागरिक बन सकें। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न पहलुओं में सुधार करने के लिए सकारात्मक कदम उठाए हैं। इसका एक पहलू शिक्षा के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार है ताकि हर एक स्कूल में उच्चतम स्तर की शिक्षा के लिए आवश्यक सुविधाएं हों। वहीं इसका दूसरा पहलू पढ़ाई में नए पाठ्यक्रम और तकनीकी साधनों का प्रयोग है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा टैबलेटों का वितरण कर बच्चों को तकनीकी गतिविधियों के साथ जोड़कर उन्हें एक नई शैली में शिक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने हेतु एक याचिका में पिछली सुनवाई के दौरान किसी वजह से नया एफिडेविट कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका था जिसके बाद हाईकोर्ट ने इस संबंध में  23 नवंबर 2023 अंतरिम आदेश पारित कर दिया जबकि सारी कमियां मई माह में ही पूरी की जा चुकी थी। आज इस मामले में सरकार की ओर से शपथ पत्र दायर किया गया है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि शपथ पत्र में जानकारी दी गई है कि उन सभी स्कूलों में पीने का पानी, लड़कों व लड़कियों के लिए शौचालय और बिजली की सुविधाएं उपलब्ध करा दी हैं, जहां इनकी कमी थी। इसके लिए सरकार ने 49 करोड़ रुपये आवंटित किए। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 14 हजार से अधिक सरकारी स्कूल हैं जिनमें से केवल 1952 स्कूलों में ही बुनियादी सुविधाओं की कमी पाई गई। इन कमियों को भी अब दूर किया जा चुका है।
       इसके अलावा स्कूल शिक्षा विभाग को बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए आवश्यक 1738 करोड़ रुपये में से 580 करोड़ रुपये दिए गए। इस उपलब्ध बजट में से, विभाग ने अब तक लगभग 302 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की है, जिसमें से लगभग 167 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही संबंधित ठेकेदार/निर्माण एजेंसी को किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए नए प्रयासों का संकल्प लिया है और इसके माध्यम से विभिन्न पहलुओं में शिक्षा को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।

जींद जिले के सरकारी स्कूल उचाना के प्रिंसिपल से जुड़े मामले की जांच पंजाब व  हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से करवाई जाएगी



चंडीगढ़, (KK)- हरियाणा विधानसभा में चल रहे शीतकालीन सत्र के पहले दिन जींद जिले के सरकारी स्कूल उचाना के प्रिंसिपल द्वारा छात्राओं के साथ की गई घिनौनी हरकत से जुड़े मामले पर उपमुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला व पूर्व शिक्षा मंत्री व कांग्रेस की विधायक गीता भुक्क्ल के बीच सदन में एक दूसरे पर लगाए जा रहे प्रत्यारोपों पर सदन के नेता व मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने स्पष्ट किया कि यह विषय किसी पर छींटाकशी का नहीं है।

  बल्कि अध्यापक की वर्ष 2005, 2011 और 2023 में कहाँ-कहाँ पोस्टिंग रही और उसका स्कूलों में कैसा व्यवहार रहा, इस विषय की जांच करवाने के लिए सदन के सभी सदस्य सहमत हैं। इस पर विधानसभा अध्यक्ष श्री  ज्ञानचंद गुप्ता ने विधानसभा की ओर से पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से जांच करवाने के लिए पत्र लिखा जायेगा।

हरियाणा को जल्द मिलेगा अपना राज्य गीत


मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सदन में रखा प्रस्ताव


हरियाणा के इतिहास, समृद्ध विरासत और संस्कृति को परिलक्षित करने वाला अपना राज्य गीत जल्द ही प्रदेश को मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन इस संबंध में सरकारी प्रस्ताव को सदन में पेश किया। सरकार द्वारा चयनित 3 गीतों को सदन में सुनाया गया, जिन पर सदस्यों द्वारा एक गीत को चुनकर उसे एक साल के लिए राज्य गीत घोषित किया जाएगा ।
श्री मनोहर लाल ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि हरियाणा राज्य 1 नवम्बर, 1966 को अस्तित्व में आया, लेकिन हरियाणा की पावन धरा पूर्व-वैदिक काल से ही गौरवशाली इतिहास, समृद्ध परंपराओं और संस्कृति का केंद्र रही है। आज हरियाणा प्रदेश की पहचान भारत के अग्रणी राज्यों में होती है। हरियाणा के लोगों ने सदैव देश की रक्षा में अनेक बलिदान दिए हैं और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि यद्यपि हरियाणा का अपना राज्य-चिह्न है, लेकिन प्रदेश का कोई राज्य-गीत नहीं है, जो इसके इतिहास और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता हो और जिसमें इसके लोगों के गुण और योगदान समाविष्ट हों। एक बार अपनाया गया राज्य गीत सभी हरियाणवियों को उनकी जाति, लिंग, धर्म या आर्थिक स्थिति से इतर, उन्हें एक नई गौरवपूर्ण पहचान प्रदान करेगा।
       श्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार ने समाचार पत्रों में विज्ञापनों के माध्यम से जनता से गीत आमंत्रित किये गये थे। इसके जवाब में 204 प्रविष्टियां मिलीं, जिनमें से 3 का चयन किया गया है, जिन्हें सदन के समक्ष राज्य गीत के रूप में विचारार्थ रखा गया। इन विकल्पों का चयन एक विस्तृत प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है।

       उन्होंने कहा कि प्रारंभ में एक साल की अवधि के लिए राज्य गीत के रूप में अपनाया जाएगा। मुझे आशा है कि राज्य गीत राज्य के लोगों, जिनका हम सभी प्रतिनिधित्व करते हैं, की सामूहिक इच्छा को अभिव्यक्त करेगा।

       मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन के सदस्य गीतों को पढ़कर और सुनकर 19 दिसंबर, 2023 को अपने विचार प्रस्तुत करें और यदि गीत का कोई नया प्रारूप भी देना चाहते हैं तो दे सकते हैं।

विधान सभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन तीन विधेयक किए गए पेश


हरियाणा विधान सभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन तीन विधेयक पेश किए गए। इनमें हरियाणा बकाया देय व्यवस्थापन (संशोधन) विधेयक,2023, हरियाणा पिछड़े वर्ग (सेवाओं तथा शैक्षणिक संस्थाओं में दाखिले में आरक्षण)संशोधन विधेयक, 2023 तथा हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक,2023 शामिल हैं।

हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान आज सदन में पिछले सत्र की अवधि से इस अवधि के अंतराल में मृत्यु को प्राप्त हुए महान विभूतियों, स्वतंत्रता सेनानी और शहीद जवानों के सम्मान में शोक प्रस्ताव पढ़े गए और शोक संतप्त परिवारों के सदस्यों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की गई।


       सर्वप्रथम सदन के नेता मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने शोक प्रस्ताव पढ़े। इनके अलावा, विधानसभा अध्यक्ष श्री ज्ञान चंद गुप्ता और विपक्ष के नेता श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने भी शोक प्रस्ताव पढ़कर अपनी ओर से श्रद्धांजलि दी। विधानसभा अध्यक्ष ने शोक संतप्त परिवारों को सदन की भावना से अवगत करने का आश्वासन भी दिया। सदन के सभी सदस्यों ने खड़े होकर दो मिनट का मौन रखा तथा दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना भी की।
       सदन में जिनके शोक प्रस्ताव पढ़े गए, उनमें हरियाणा विधानसभा के भूतपूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर छत्तर सिंह चौहान, हरियाणा के भूतपूर्व राज्य मंत्री डॉ. राम प्रकाश शामिल हैं।
        सदन में अदम्य साहस व वीरता दिखाते हुए मातृभूमि की एकता व अखंडता की रक्षा करने के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले हरियाणा के 18 वीर सैनिकों के निधन पर भी शोक व्यक्त किया गया। इन वीर शहीदों में जिला पानीपत के गांव बिंझौल के मेजर आशीष ढोंचक, जिला कैथल के गांव बालू की कैप्टन पूनम रानी, जिला भिवानी के गांव अलखपुरा के सूबेदार सरजीत सिंह, जिला रोहतक के गांव भैणी चंद्रपाल के नायब सूबेदार अशोक, जिला सोनीपत के गांव फरमाणा के सहायक उप निरीक्षक धर्मबीर सिंह, जिला महेन्द्रगढ़ के गांव गावड़ी जाट के हवलदार मान सिंह, जिला रोहतक के गांव खरैंटी के हवलदार शमशेर सिंह, जिला रोहतक के गांव भैणी चंद्रपाल के हवलदार सुधीर सिंह, जिला महेन्द्रगढ़ के गांव बारड़ा के हवलदार राकेश लांबा, जिला चरखी दादरी के गांव काकड़ौली हट्टी के कमांडो कर्ण सिंह, जिला पलवल के गांव गढ़ीपट्टी के नायक महेन्द्र, जिला झज्जर के गांव मुन्दसा के नायक संदीप कुमार, जिला सोनीपत के गांव राजलू गढ़ी के नायक विरेन्द्र राठी, जिला महेन्द्रगढ़ के गांव राता खुर्द के एयरमैन विकास, जिला महेन्द्रगढ़ के गांव कुरावहटा के सिपाही संदीप, जिला पलवल के गांव खाम्बी के सिपाही युधिष्ठिर, जिला रेवाड़ी के गांव खरखड़ी के सिपाही जवाहर सिंह और जिला सिरसा के गांव केवल के सिपाही जसपाल सिंह शामिल हैं।
        उपरोक्त के अलावा, सदन में विधानसभा अध्यक्ष श्री ज्ञान चंद गुप्ता के साले श्री रंजन मित्तल, केंद्रीय राज्य मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह के भतीजे राव अर्जुन सिंह, सांसद श्रीमती सुनीता दुग्गल की माता श्रीमती शकुंतला रानी, विधायक श्री मामन खान के पिता श्री मोहम्मद हनीफ, विधायक श्री राम कुमार गौतम के साले श्री विरेन्द्र कुमार शर्मा, विधायक श्री नीरज शर्मा की मामी श्रीमती विजय लक्ष्मी, विधायक श्री कुलदीप वत्स के बहनोई श्री गंगा सहाय तथा पूर्व विधायक श्री टेकराम की पत्नी श्रीमती रिसाल कौर के दुःखद निधन पर भी गहरा शोक व्यक्त किया गया।


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