जल संसाधन मंत्री ने कोटा संभाग में संचालित विकास योजनाओं और बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की
एन.एस. बाछल, 23 अप्रैल, जयपुर।
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने जल संसाधन विभाग के फील्ड अभियंताओं को प्रगतिरत वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं की प्रगति की रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिवस में फोटो के साथ भेजने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को कोटा के आईएमटीए सभागार में सम्भाग स्तरीय बैठक में उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट से जुड़े वरिष्ठ अभियंता परियोजना स्थल पर जाकर कार्य की प्रगति का निरीक्षण करें और फील्ड अभियंताओं से फॉलोअप लें। वृहद परियोजनाओं के लिए प्रोजेक्ट इंजीनियर हर माह का वर्क प्लान बनाएं जिसमें उस माह में पूर्ण होने वाले कार्यों का उल्लेख हो । सुरेश सिंह रावत ने इस वित्तीय वर्ष में बड़ी परियोजनाओं में किए जाने वाले कार्यों का एक्शन प्लान संबंधित अभियंताओं से मांगा।
जल संसाधन मंत्री ने परवन वृहद सिंचाई परियोजना सहित विभिन्न परियोजनाओं के अलग-अलग घटकों में बाकी रहे कार्यों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने परवन परियोजना में कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना के डूब क्षेत्र में आ रहे गांवों के निवासियों के पुनर्वास का कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया जाए एवं अखबारों के माध्यम से नोटिस देकर डूब क्षेत्र में आ रहे गांवों से शिफ्टिंग के लिए लोगों को समझाएं।
बैठक में संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल-ईआरसीपी एकीकृत लिंक परियोजना के अतिरिक्त मुख्य महा प्रबंधक श्री राकेश कुमार गुप्ता ने परियोजना के विभिन्न पैकेज के तहत प्रस्तावित कार्यों एवं अभी तक की प्रगति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए प्रथम चरण में रामगढ़ व महलपुर बैराज-बारां, नवनेरा बैराज से बीसलपुर बांध एवं इसरदा बांध भरने के लिए 9 हजार 600 करोड़ रूपये की स्वीकृति एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं।
पैकेज-1 के तहत 45.30 मिलियन घन मीटर भराव क्षमता के रामगढ़ बैराज का निर्माण बारां जिले में पार्वती नदी की सहायक कूल नदी पर किया जाएगा। 258.41 एमसीएम भराव क्षमता के महलपुर बैराज का निर्माण बारां जिले में पार्वती नदी पर तथा कालीसिंध नदी पर नवनेरा बैराज पर 375 क्यूमेक्स जल अपवर्तन की क्षमता वाले नवनेरा पम्प हाउस का निर्माण कोटा जिले की दीगोद तहसील के एबरा गांव में किया जाना है। पैकेज-2 में चम्बल क्रॉसिंग हेतु चम्बल एक्वाडक्ट एवं नवनेरा बैराज से मेज एनीकट तक फीडर नहर का निर्माण होगा। पैकेज-3 में मेज पम्प हाउस से गलवा बांध तक फीडर निर्माण, गलवा बांध से बीसलपुर बांध तक एवं इसरदा बांध तक फीडर निर्माण होगा। उन्होंने भूमि अवाप्ति एवं डूब क्षेत्र में आ रहे गांवों से पुनर्वास के संबंध में उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी।
मुख्य अभियंता जल संसाधन, कोटा संभाग डीआर मीना ने संभाग में चल रही विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति के बारे में संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। परवन प्रोजेक्ट सर्किल के अधीक्षण अभियंता श्री अजीत कुमार जैन ने परवन वृहद सिंचाई परियोजना के प्रथम एवं द्वितीय चरण में हुए कार्यों के बारे में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। पार्वती मुख्य नहर के सुदृढ़ीकरण, हथियादेह मध्यम सिंचाई परियोजना, गागरिन मध्यम सिंचाई परियोजना, तकली मध्यम सिंचाई परियोजना, सोलर आधारित माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं सहित अन्य प्रगतिरत कार्यों की जानकारी संबंधित अभियंताओं ने दी।
बैठक में कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, राकेश जैन, मुख्य अभियंता आईएमटीआई राजेन्द्र पारीक, अतिरिक्त मुख्य अभियंता एवं विशेषाधिकारी धीरज जौहरी भी उपस्थित थे।