08/07/25

हरियाणा  पुलिस सेवा नियमावली, 2002 में आज तक सहायक पुलिस आयुक्त (A.C.P.) के पद  का उल्लेख तक नहीं


हरियाणा  पुलिस सेवा नियमावली, 2002 में आज तक सहायक पुलिस आयुक्त (A.C.P.) के पद  का उल्लेख तक नहीं

 

चंडीगढ़, 08 जुलाई 2025, Adv हेमन्त कुमार-  गत रविवार 6 जुलाई  हरियाणा सरकार के गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव (ए.सी.एस.) डॉ. सुमिता मिश्रा के हस्ताक्षर  द्वारा जारी एक आदेश मार्फ़त हरियाणा पुलिस सेवा (एच.पी.एस.) के 49 अधिकारियों के ताज़ा तैनाती-तबादला आदेश  किये गए.

 

बहरहाल, उपरोक्त आदेश में 12 एच.पी.एस. अधिकारियों को  फरीदाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, पंचकूला और सोनीपत पुलिस कमिश्नरेट में बतौर असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (ए.सी.पी.) अर्थात सहायक पुलिस आयुक्त भी तैनात किया है.

 इसी बीच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने  एक रोचक परन्तु महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया  कि  नवम्बर, 2002 में प्रदेश की  तत्कालीन सत्तासीन चौटाला सरकार द्वारा  पंजाब पुलिस सेवा नियम 1959, जो तब तक  हरियाणा राज्य में भी लागू थे, के स्थान पर प्रदेश  के लिए  हरियाणा पुलिस सेवा नियम, 2002 बना कर तत्काल प्रभाव से  लागू किए गए  थे जिनमे बीते दो दशकों में प्रदेश सरकार के गृह विभाग द्वारा समय समय पर कई  बार संशोधन किया गया परन्तु आज तक उपरोक्त 2002 नियमों में  असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (ए.सी.पी.) अर्थात सहायक पुलिस आयुक्त के  पदों का स्पष्ट उल्लेख कर उनमें शामिल  नहीं किया गया है. अब ऐसा भूलवश हुआ है अथवा किसी प्रशासनिक लापरवाही अथवा चूक से, यह स्पष्ट नहीं है.

 हेमंत ने बताया कि गत  वर्ष मार्च, 2024 में  झज्जर  जिले  में हरियाणा  का पांचवा  पुलिस कमिश्नरेट स्थापित किया गया था. उससे पूर्व वर्ष 2023 में सोनीपत जिले  में पुलिस कमिश्नरेट बनाया गया था. इन दोनों जिलों के अतिरिक्त   हरियाणा‌ के 3 अन्य   ज़िलों- गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला में भी   पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था है.‌ गुरुग्राम (पहले गुडगाँव ) में जून, 2007  में , फरीदाबाद में अगस्त, 2009 और पंचकूला में अगस्त, 2011 में पुलिस कमिश्नरेट स्थापित किया  गया था.

 रोचक बात है कि वास्तव में सर्वप्रथम  अगस्त, 2011 में प्रदेश में  तत्कालीन  हुड्डा सरकार दौरान   अम्बाला और पंचकूला ज़िलों को एक साथ मिलाकर   संयुक्त पुलिस कमिशनेट का गठन किया  गया था  परन्तु जब प्रदेश में मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में  भाजपा पहली बार  सत्ता में आयी तब  अम्बाला कैंट विधायक और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज  के प्रयासों के फलस्वरूप  (हालांकि तब विज गृह मंत्री नहीं थे ) अक्टूबर, 2016 में अम्बाला जिले को उपरोक्त संयुक्त पुलिस कमिशनेट से बाहर निकाल दिया गया और  पुलिस की  पुरानी एस.पी. व्यवस्था पुन:  लागू कर दी गयी थी. 

हेमंत ने यह भी   बताया कि  हरियाणा पुलिस सेवा नियमों, 2002 के मौजूदा नियम संख्या 6 (1 ) अनुसार डी.एस.पी. अर्थात उप पुलिस अधीक्षक के   कुल पदों में से 70 % पद पुलिस विभाग के  इंस्पेक्टर   रैंक के कर्मियों में  से प्रमोशन द्वारा, 25 % सीधी भर्ती द्वारा एवं शेष 5 % आउट ऑफ़ टर्न प्रमोशन से भरे जाएंगे. यह ही उल्लेख है कि प्रमोशन के लिए   केवल वही  पुलिस इंस्पेक्टर्स (  अधीनस्थ रैंक से प्रमोटेड और  सीधी  भर्ती से नियुक्त दोनों  ) योग्य होंगे जिनकी न्यूनतम 6 वर्षो की नियमित संतोषजनक सेवा होगी हालांकि इसमें एडहॉक (तदर्थ) सेवा की गणना नहीं की जायेगी.  

 



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