31/05/26

कर्तव्य पथ पर सर्वोच्च बलिदान: करनाल पुलिस ने 1992 की पटियाला मुठभेड़ के वीर शहीदों को किया नमन; स्मारक पर अर्पित किए श्रद्धासुमन

करनाल, 31 मई (अन्‍नू): समाज, प्रदेश और देश की आंतरिक सुरक्षा व अमन-चैन के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले करनाल पुलिस के वीर और बहादुर पुलिस जवानों को आज पुलिस लाइन करनाल स्थित शहीदी स्मारक पर अत्यंत भावुक और गरिमापूर्ण माहौल में याद किया गया। 31 मई की ऐतिहासिक और गौरवशाली पृष्ठभूमि को याद करते हुए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने एकत्रित होकर दो मिनट का मौन धारण किया तथा अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनकी अटूट वीरता को नमन किया।

आज ही के दिन वर्ष 1992 में करनाल पुलिस के चार जांबाज जवानों ने पंजाब की धरती पर देश के दुश्मनों से मुकाबला करते हुए शहादत का जाम पिया था। उनकी इसी सर्वोच्च शहादत की स्मृति में हर साल 31 मई को करनाल पुलिस विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन करती है।

31 मई 1992: मतौली (पंजाब) में उग्रवादियों से वो ऐतिहासिक मुठभेड़

इतिहास के पन्नों को याद करते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि वर्ष 1992 में शहीद निरीक्षक बलजीत सिंह (निवासी: छछरौली, जिला यमुनानगर) करनाल पुलिस की प्रतिष्ठित अपराध शाखा (CIA) के इंचार्ज के पद पर तैनात थे। 31 मई 1992 को उन्हें पंजाब के क्षेत्र में उग्रवादियों के छिपे होने की गुप्त इनपुट मिली थी।

इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए वे अपने जांबाज साथी पुलिस कर्मचारियों— निरीक्षक विजेंद्र सिंह (निवासी: आसन, जिला रोहतक), सहायक उप-निरीक्षक (ASI) रघुनंदन (निवासी: मोहल्ला नालापार, नारनौल) और सिपाही नारायण सिंह (निवासी: मुकीमपुर, जिला सोनीपत) के साथ भारी हथियारों से लैस उग्रवादियों की धरपकड़ के लिए गांव मतौली, जिला पटियाला (पंजाब) में रेड करने पहुंचे।

सर्च ऑपरेशन के दौरान खूंखार उग्रवादी जरनैल सिंह और उसके साथियों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। सीआईए इंचार्ज बलजीत सिंह के नेतृत्व में चारों जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए उग्रवादियों का बहादुरी से डटकर मुकाबला किया और देश की अखंडता की रक्षा करते हुए चारों रणबांकुरे मौके पर ही वीरगति को प्राप्त हो गए।

वर्ष 2010 और 2018 के शहीदों की वीरता को भी किया याद

शहीदी स्मारक पर आज उन अन्य जांबाज पुलिसकर्मियों को भी याद कर नमन किया गया जिन्होंने अलग-अलग कालखंड में ड्यूटी के दौरान अपनी जान की बाजी लगा दी:

  • शहीद ईएचसी जगतार सिंह (वर्ष 2010): वर्ष 2010 में जिला पुलिस के ईएचसी जगतार सिंह एक बेहद खतरनाक आरोपी (दोषी) गुरप्रीत को गिदड़वाड़ अदालत में पेशी के लिए ले जा रहे थे। इसी दौरान चलती ट्रेन में घात लगाकर बैठे असामाजिक तत्वों ने अपने साथी दोषी को पुलिस कस्टडी से छुड़वाने के उद्देश्य से पुलिस पार्टी पर अचानक हमला कर दिया। इस भीषण मुठभेड़ में गोली लगने के बावजूद जगतार सिंह पीछे नहीं हटे और मुकाबला करते हुए शहीद हो गए।

  • शहीद उप-निरीक्षक (SI) नरेंद्र सिंह (वर्ष 2018): वर्ष 2018 में उप-निरीक्षक नरेंद्र सिंह एक बाल किशोरी 'ममता' (निवासी: रोहतक) को नारी निकेतन करनाल से सुरक्षित किशोर न्याय बोर्ड रोहतक में पेश करने के बाद बाहर निकल रहे थे। तभी कोर्ट परिसर के बाहर घात लगाए दो मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने बाल किशोरी ममता पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। एसआई नरेंद्र सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना निहत्थे ही अपराधियों का सामना किया और बाल किशोरी की जान बचाने के प्रयास में गोलियां अपने सीने पर खाकर सर्वोच्च बलिदान दे दिया।

"शहीदों के बलिदान पर करनाल पुलिस को हमेशा रहेगा गर्व"

"करनाल पुलिस को अपने इन वीर, पराक्रमी और अमर शहीद जवानों पर हमेशा गर्व रहेगा। इन जांबाज अधिकारियों ने समाज की सुरक्षा और खाकी की लाज रखने के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया और इतिहास में अमर हो गए। आने वाली पीढ़ियां और नया पुलिस बल हमेशा इनकी वीरता से देशप्रेम की प्रेरणा लेता रहेगा। इनकी याद को जीवंत रखने के लिए हर वर्ष 31 मई को पुलिस लाइन में यह नमन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।"दर्शन सिंह, भलाई निरीक्षक, जिला पुलिस करनाल

इस दौरान जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों सहित वहां मौजूद सभी पुलिस जवानों की आंखें नम थीं। सभी ने शहीदों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और पुलिस बैंड की धुन के साथ गारद द्वारा शहीदों को सलामी दी गई।

#KarnalPolice #PoliceMartyrs #SaluteToHeroes #PunjabEncounter1992 #BaljitSinghCIA #HaryanaPoliceMartyrs #Shraddhanjali #KarnalNews #PrideOfKhaki #31May1992 #NationalHeroes #DanikKhabar

Previous

करनाल पुलिस की बड़ी कार्रवाई: खेतों से गेहूं और लोहे का गेट चोरी करने वाले 3 शातिर आरोपी गिरफ्तार

Next

सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले डोप टेस्ट अनिवार्य होगा: मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश