गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज में पारंपरिक भारतीय रसायन विज्ञान पर व्याख्यान का सफल आयोजन
जे कुमार, अम्बाला 29 अक्तूबर - गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज, अंबाला कैंट के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा “पारंपरिक भारतीय रसायन विज्ञान और उसका आधुनिक महत्व” विषय पर एक विशेष एक्सटेंशन लेक्चर का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य भारतीय रसायन विज्ञान की प्राचीन परंपरा, उसकी वैज्ञानिक सोच तथा आधुनिक रसायन विज्ञान में उसकी प्रासंगिकता को समझना रहा।
इस अवसर पर रिसोर्स पर्सन के रूप में डॉ. सतीश कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, रसायन शास्त्र विभाग, इंस्टिट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज़, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र उपस्थित रहे। उन्होंने अपने व्याख्यान में भारतीय परंपरा में विकसित धातु-शोधन, औषधि निर्माण, रंगाई, कृषि एवं पर्यावरण-संरक्षण से संबंधित रासायनिक ज्ञान पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि प्राचीन भारतीय रसायनज्ञों ने व्यवस्थित प्रयोगों और अवलोकनों के माध्यम से ऐसे वैज्ञानिक सिद्धांत विकसित किए, जो आज के आधुनिक प्रयोगशालाओं और उद्योगों में भी लागू होते हैं।
विद्यार्थियों ने व्याख्यान के दौरान गहरी रुचि हुए अनेक प्रश्न पूछे और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जोड़ने पर सार्थक चर्चा की। इस दौरान एक उत्साहपूर्ण और विचारोत्तेजक संवाद का वातावरण बना, जिसमें शिक्षक और छात्र दोनों सक्रिय रूप से सहभागी रहे।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने रसायन विज्ञान विभाग को इस सार्थक आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि, “ऐसे शैक्षणिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जुड़ने और भारतीय वैज्ञानिक परंपरा की गहराई को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। हमारी परंपरा ज्ञान, प्रयोग और अनुसंधान की अखंड धारा रही है, जिससे आज का युवा वर्ग बहुत कुछ सीख सकता है।” उन्होंने आगे कहा कि भारतीय वैज्ञानिक विरासत न केवल प्रयोगात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हमारे देश की बौद्धिक चेतना और सांस्कृतिक गौरव की प्रतीक भी है।
रसायन विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नेहा अग्रवाल ने कहा कि पारंपरिक भारतीय रसायन विज्ञान हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न अंग है, और इसे आधुनिक वैज्ञानिक संदर्भ में पुनः समझने की आवश्यकता है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे देश के प्राचीन वैज्ञानिक योगदानों का अध्ययन करें, उन पर अनुसंधान करें और उन्हें आधुनिक नवाचारों से जोड़कर आगे बढ़ाएँ।
कार्यक्रम में मंच संचालन का कार्य बी. एस. सी की छात्रा मुस्कान ने किया। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यार्थियों का सक्रिय सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन का कार्य डॉ नेहा अग्रवाल ने किया।
इस अवसर पर राजिंदर मीरवाल भी उपस्थित रहे l
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