28/02/25

जोधपुर में जलस्रोतों में अपशिष्ट प्रवाहित करने वाली दोषी इकाइयों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी

बी.एस. बाछल, 28 फरवरी, जयपुर।

पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि जोधपुर जिले में औद्योगिक इकाइयों द्वारा जलस्रोतों में अवैध रूप से प्रवाहित किये जा रहे अपशिष्टों की जांच के लिए जिला कलेक्टर, जोधपुर द्वारा 21 फरवरी, 2025 को एक समिति का गठन किया गया है। समिति द्वारा इस सम्बन्ध में रिपोर्ट प्राप्त होने पर दोषी इकाइयों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने कहा कि समिति द्वारा जिले की जोजरी नदी में अपशिष्ट प्रवाहित करने वाली औद्योगिक इकाइयों को चिह्नित किया जाएगा। नियम विरुद्ध अनुपचारित एवं आंशिक अनुपचारित अपशिष्टों को जलस्रोतों में स्त्रावित करने वाली औद्योगिक इकाइयों की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

पर्यावरण राज्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जोधपुर जिले में लगभग 230 एमएलडी सीवरेज जनित अपशिष्ट उत्पन्न होता है। जिसमें से 120 एमएलडी का उपचार एस.टी.पी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) के माध्यम से किया जाता है। शेष 110 एमएलडी अपशिष्ट बिना उपचारित नदी में प्रवाहित हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए शहरी विकास एवं आवास विभाग, जोधपुर द्वारा जिले में 3 ट्रीटमेंट प्लांट निर्मित किये जा रहे हैं।

इससे पहले विधायक अरुण चौधरी के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में पर्यावरण राज्य मंत्री ने कहा कि जोधपुर क्षेत्र में स्थित टेक्सटाइल एवं स्टील उद्योग से जनित होने वाले औद्योगिक उच्छिष्ट (Industrial Effluent) को उपचारित करने हेतु दो सी.ई.टी.पी. क्रमश: 18.50 एमएलडी (textile) एवं 1.50 एमएलडी (Steel) संचालित हैं। उन्होंने बताया कि स्टील  उद्योगों से संबंधित सी.ई.टी.पी. द्वारा उपचारित जल को पूर्णतया रीसाइकल कर रीयूज  किया जाता है एवं टेक्सटाइल उद्योगों से संबंधित सी.ई.टी.पी. द्वारा औद्योगिक उच्छिष्ट (Industrial Effluent) को तृतीयक स्तर (Tertiary Treatment) तक उपचारित कर निस्त्रावित (Discharge) किया जाता है।

     प्रदूषित पानी को रोकने हेतु सरकार की कार्य योजना का विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा। श्री शर्मा ने बताया कि डोली अराबा में जल प्रदूषण की समस्या के बाबत प्रकरण राष्ट्रीय हरित अधिकरण में भी लंबित हैं एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश के क्रम में एक राज्य स्तरीय समिति का गठन अतिरिक्त मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग की अध्यक्षता में किया जा चुका है एवं एक जिला स्तरीय समिति का गठन जिला कलेक्टर, जोधपुर की अध्यक्षता में किया जा चुका है। इस समिति का उद्देश्य प्रदूषण की समस्या की नियमित निगरानी करना और आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करना है।

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