नशामुक्त हिसार की ओर बढ़ते कदम: नशा मुक्ति टीम ने गांव-गांव पहुंचकर जगाई जागरूकता, 12 पीड़ितों को दिलाया उपचार
हिसार, 6 जून (अन्नू): हिसार जिले को पूरी तरह से नशा मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा जमीनी स्तर पर एक अनूठी और बेहद प्रभावी मुहिम चलाई जा रही है. आईजीपी (IGP) हिसार मंडल के कुशल मार्गदर्शन एवं एसएसपी (SSP) हिसार के सफल नेतृत्व में जारी इस 'नशा मुक्ति अभियान' के तहत जिला नशा मुक्ति टीम ने शनिवार को थाना आदमपुर और थाना अग्रोहा के अंतर्गत आने वाले गांवों में पहुंचकर व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम चलाया. इस दौरान टीम ने न केवल लोगों को जागरूक किया, बल्कि 12 नशा पीड़ितों को मुख्यधारा में लाने के लिए उनका इलाज भी शुरू करवाया.
मंदिर के संस्कार शिविर और गांव की लाइब्रेरी में जुटे सैकड़ों लोग
जिला नशा मुक्ति टीम ने शनिवार को दो प्रमुख स्थानों पर ग्रामीणों, युवाओं और बच्चों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया:
गांव आदमपुर: यहाँ स्थित श्री गुरु जंभेश्वर मंदिर में चल रहे संस्कार शिविर में टीम पहुंची. कार्यक्रम में लगभग 200 आम नागरिकों की मौजूदगी में नशे के दलदल से होने वाले भयानक शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई.
गांव खासा महाजन: यहाँ गांव की लाइब्रेरी (पुस्तकालय) में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लगभग 80 बच्चों, युवाओं और प्रबुद्ध ग्रामीणों को नशे की लत से दूर रहने, शिक्षा व खेलों की ओर ध्यान केंद्रित करने और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया.
घर-घर जाकर काउंसिलिंग, 12 पीड़ितों का इलाज व दवाइयां शुरू
यह अभियान केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नशा मुक्ति टीम ने धरातल पर काम करते हुए पीड़ितों के पुनर्वास (Rehabilitation) के लिए बेहद सराहनीय कदम उठाए. टीम ने शनिवार को कुल 12 नशा पीड़ितों को राहत पहुंचाई:
नए पीड़ितों की पहचान: टीम ने जिला हिसार में 2 नए नशा पीड़ितों की पहचान की, जिन्हें इलाज के लिए प्रेरित किया गया.
पहली बार उपचार: 1 नशा पीड़ित को पहली बार नागरिक (सरकारी) अस्पताल हिसार ले जाकर उसका डॉक्टरी उपचार और जरूरी दवाइयां शुरू करवाई गईं.
घर-घर जाकर मदद: टीम ने 6 नशा पीड़ितों के घर-घर जाकर उनकी विशेष काउंसलिंग की और उन्हें आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक दवाइयां उपलब्ध कराईं.
फॉलो-अप और रि-एडमिशन: 5 नशा पीड़ितों को दूसरी बार सरकारी अस्पताल ले जाकर डॉक्टर की पर्ची पर आगे की दवाइयां दिलवाई गईं, जबकि गंभीर रूप से ग्रसित 3 नशा पीड़ितों को पूर्ण सुधार हेतु सरकारी अस्पताल के नशा मुक्ति वार्ड में दाखिल (Admit) करवाया गया.
नशा तस्करों का इनपुट जुटा रही पुलिस, जनता से मांगा सहयोग
जागरूकता के साथ-साथ नशा मुक्ति टीम ने गांवों में सक्रिय नशा तस्करों और छोटे पेडलर्स (सप्लायरों) के नेटवर्क को तोड़ने के लिए खुफिया जानकारियां और इनपुट्स भी एकत्रित किए. पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए ऐसे आपराधिक तत्वों की गुप्त सूचना तुरंत पुलिस को दें.
टीम के अधिकारियों ने ग्रामीणों से भावुक अपील करते हुए कहा कि समाज और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से ही 'नशामुक्त, स्वस्थ और सुरक्षित हिसार' का सपना साकार किया जा सकता है. हमें अपने बच्चों को नशे की बुराइयों से बचाकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों की ओर मोड़ना होगा.
अभियान का मुख्य संदेश: "नशे से दूरी ही जीवन की सबसे बड़ी मजबूरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी समझदारी है. आइए, मिलकर नशामुक्त हिसार के निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान दें."
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