सृष्टि परियोजना: गांव खिल्लूका में गर्भवती महिलाओं के लिए जागरूकता बैठक; मृत जन्म दर घटाने और एएनसी सेवाओं पर दिया जोर
जे कुमार पलवल, 21 जनवरी 2026: 'सोसाइटी फॉर एप्लाइड स्टडीज' की ओर से संचालित सृष्टि परियोजना के अंतर्गत पलवल जिले के गांव खिल्लूका में एक विशेष जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य केंद्र गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य और "सोशल एंड बिहेवियर चेंज कम्युनिकेशन" (SBCC) रहा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रसव पूर्व जांच (ANC) की गुणवत्ता बढ़ाना और मृत जन्म (स्टिलबर्थ) जैसी दुखद घटनाओं को रोकना था।
गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य प्रबंधन: संस्था के सदस्यों ने महिलाओं को बताया कि गर्भावस्था के दौरान कम से कम चार बार एएनसी जांच कराना अनिवार्य है। इसके साथ ही, आयरन-फोलिक एसिड और कैल्शियम की गोलियों के नियमित सेवन के महत्व को समझाया गया। विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि समय पर स्वास्थ्य जांच कराने से भविष्य की जटिलताओं को पहले ही पहचाना जा सकता है, जिससे माता और शिशु दोनों का जीवन सुरक्षित रहता है।
अधिकारियों का मार्गदर्शन और चेतावनी: जिला स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से उपस्थित डॉ. रमेश्वरी ने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी अस्पतालों में प्रसव सेवाएं निशुल्क हैं। यदि कोई भी प्रसव के नाम पर अवैध धनराशि की मांग करता है, तो उसकी लिखित शिकायत तुरंत दर्ज कराई जानी चाहिए। उन्होंने बुजुर्ग महिलाओं को भी घर की गर्भवती महिलाओं की देखभाल के लिए विशेष सुझाव दिए।
पोषण और अंतराल का महत्व: जिला आशा समन्वयक मधु ने संतुलित आहार और एल्बेंडाजोल जैसी दवाओं के सही उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने स्वस्थ परिवार के लिए 'जन्म अंतराल' (दो बच्चों के बीच समय) के महत्व पर विशेष बल दिया।
सरपंच और समुदाय की भागीदारी: ग्राम सरपंच श्री यह्या ने इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन का समर्थन किया। बैठक में गांव की महिलाओं ने न केवल भाग लिया, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़े अपनी शंकाओं और प्रश्नों को विशेषज्ञों के सामने रखकर उनका समाधान भी प्राप्त किया।
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