10/05/25

जवान सीमा पर, किसान खेत में और कृषि मंत्रालय भी कोई कसर नहीं छोड़ेगा- केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह

आरएस अनेजा, 10 मई नई दिल्ली

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और ग्रामीण विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक के बाद मीडिया से चर्चा में शिवराज सिंह ने कहा कि भारत माता के चरणों में सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए पूरा देश तत्पर है। एक तरफ सीमा पर हमारे जवान तैनात है, पाकिस्तान के हर हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है, दूसरी तरफ खेतों में किसान तैयार है, उनके साथ वैज्ञानिक और कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय भी अपनी ड्यूटी समझते हुए पूरी तरह से तैयार है। कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगा।

बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने अधिकारियों से फसल बुआई, खाद्यान्न, फल-सब्जी उत्पादन तथा उपलब्धता की जानकारी लेने के साथ मौजूदा परिस्थितियों में किसानों को कहीं-कोई दिक्कत नहीं आने देने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त करना हमारे देश का संकल्प है। आतंकवादियों को हम नहीं छोड़ेंगे, उनके ठिकाने, उनके अड्डे तबाह करने के लिए कड़ी कार्रवाई की गई है। हमने नागरिकों को निशाना नहीं बनाया है, लेकिन पाकिस्तान जिस तरह से नापाक हरकत कर रहा है, सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है। हर जगह पाकिस्तान मुंह की खा रहा है। हमें अपनी सेना पर, उनके पराक्रम-शौर्य पर गर्व है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि विभाग के नाते हमारी भी जिम्मेदारी है। हमारी जवाबदारी है खाद्यान्न सुरक्षा सुनिश्चित करना। गेहूं, चावल व अन्य अनाज हमारे पास पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बंपर उत्पादन हुआ है, किसानों से खरीद भी जारी है। कल ही हमने खरीफ कांफ्रेंस में भी विस्तार से चर्चा करके खेती के संबंध में रूपरेखा निर्धारित की है। 

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने मीडिया से चर्चा में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने नारा दिया था जय जवान-जय किसान, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जोड़ा-जय विज्ञान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इसमें जोड़ा-जय अनुसंधान। जवान तैयार है, किसान तैयार है व वैज्ञानिक भी तैयार है, उनका अनुसंधान भी काम आएगा। यह संतोष की बात है कि हमारे पास अन्न के भंडार इस समय भरे हुए हैं। श्री चौहान ने बताया कि वर्ष 2023-24 में कुल खाद्यान्न उत्पादन 3322.98 लाख मीट्रिक टन था, जो 2024-25 में बढ़कर 3474.42 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। चावल की भी कोई कमी नहीं है, पिछले साल के 1378.25 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले इस साल 1464.02 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हुआ है। गेहूं पिछले साल था 1132.92 लाख मीट्रिक टन, जो इस बार 1154.30 लाख मीट्रिक टन उत्पादन अनुमानित है, जिसमें और बढ़ोत्तरी की उम्मीद है। श्री शिवराज सिंह ने कृषि वैज्ञानिकों को भी बधाई दी, जिनके द्वारा विकसित किस्मों व शोध के कारण बढ़ते हुए तापमान में भी उत्पादन में वृद्धि हो रही है। गेहूं-चावल दोनों का उत्पादन एक साल में चार से पांच प्रतिशत बढ़ा है।

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