हरियाणा में शिक्षकों के तबादलों के लिए नई नीति तैयार: अब 120 अंकों की मेरिट रैंकिंग से तय होंगे ट्रांसफर
जे कुमार चंडीगढ़, 18 जून 2026: हरियाणा सरकार स्कूल शिक्षकों के तबादलों को अधिक पारदर्शी और विवादमुक्त बनाने के लिए एक नई संशोधित ट्रांसफर पॉलिसी लेकर आई है। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद तैयार की गई इस नई नीति के तहत, अब शिक्षकों के तबादले पूरी तरह से 120 अंकों की मेरिट रैंकिंग प्रणाली (Point System) के आधार पर किए जाएंगे। इसमें उम्र, अनुभव और विशेष श्रेणियों को मुख्य आधार बनाया गया है।
उम्र और अनुभव को प्राथमिकता, नियमों में बड़े बदलाव
नई पॉलिसी के ड्राफ्ट के अनुसार, स्थानांतरण के लिए प्राथमिकता तय करने वाले 120 अंकों को विभिन्न मापदंडों में विभाजित किया गया है:
रिटायरमेंट के नजदीक शिक्षकों को राहत: पहले सेवानिवृत्ति (Retirement) से 12 महीने पहले तक के शिक्षकों को अनिवार्य तबादले से छूट मिलती थी, लेकिन अब इस अवधि को बढ़ाकर 18 महीने कर दिया गया है।
कपल केस और सिंगल पैरेंट: सिंगल पैरेंट (अकेले माता या पिता) शिक्षकों को 10 अतिरिक्त मेरिट अंक दिए जाएंगे। इसके अलावा, कपल केस (पति-पत्नी दोनों के कामकाजी होने) का लाभ अब केवल नियमित (Regular) कर्मचारियों को ही मिलेगा, अनुबंध (Contract) वाले कर्मचारियों को नहीं।
कुछ रियायतें समाप्त: नई नीति के तहत 40 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिला शिक्षकों को अब केवल वैवाहिक स्थिति के आधार पर मिलने वाले अतिरिक्त अंक बंद कर दिए गए हैं। साथ ही, पुरुष शिक्षकों को केवल नाबालिग बच्चों या अविवाहित बेटियों के आधार पर कोई अतिरिक्त अंक नहीं मिलेंगे।
हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बनी नई नीति
गौरतलब है कि इससे पहले सरकार द्वारा लागू की जा रही कैडर-बदलाव नीति का जूनियर बेसिक ट्रेनिंग (JBT) सहित कई शिक्षक संघों ने कड़ा विरोध किया था। शिक्षकों का तर्क था कि कैडर बदलने से उनकी वरिष्ठता (Seniority) और पदोन्नति प्रभावित होगी। इसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा। अदालत के आदेशानुसार, शिक्षकों की चिंताओं को दूर करते हुए विभाग ने इस 120 अंकों के पारदर्शी सिस्टम को तैयार किया है। हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला) ने सरकार से इस नई नीति को जल्द से जल्द पोर्टल पर लागू करने की मांग की है।
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