रोहतक का 'सिरतार' संस्थान बनेगा अत्याधुनिक: दिव्यांग बच्चों के लिए अर्ली डायग्नोसिस और ट्रीटमेंट की मिलेंगी सुविधाएँ
जे कुमार, चंडीगढ़, 27 नवम्बर : हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने घोषणा की है कि रोहतक स्थित स्टेट इंस्टिट्यूट फॉर रिहैबिलिटेशन, रिसर्च एंड ट्रेनिंग (सिरतार) को 'स्टेट ऑफ द आर्ट' यानी अत्याधुनिक संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संस्थान को मजबूत आधारभूत संरचना और आधुनिक सुविधाओं से लैस कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जाएगी।
नोडल एजेंसी के रूप में होगा विकसित : मंत्री कृष्ण बेदी ने आज चंडीगढ़ में सिरतार संस्थान के अधिकारियों संग शासी निकाय की सातवीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों के लिए महत्वपूर्ण सुविधाएँ, जैसे:
अर्ली डायग्नोसिस (जल्दी पहचान)
असेसमेंट (मूल्यांकन)
थैरेपी
ट्रीटमेंट
ये सभी सुविधाएँ सिरतार संस्थान में उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके साथ-साथ, इस संस्थान को प्रदेश में दिव्यांग बच्चों से जुड़े विषयों के लिए नोडल एजेंसी के रूप में विकसित किया जाएगा।
नए पाठ्यक्रम और कर्मचारियों को लाभ : बेदी ने अधिकारियों के साथ संस्थान में नए पाठ्यक्रम आरम्भ करने पर चर्चा की और इसके लिए मसौदा (ड्राफ्ट) तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सिरतार संस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर लाने के लिए रोड मैप तैयार करने की बात कही और राज्य सरकार की ओर से हर तरह की वित्तीय सहायता और सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सिरतार संस्थान में लंबे समय से कार्यरत ग्रुप सी और ग्रुप डी कर्मचारियों को हरियाणा कौशल रोज़गार निगम के अंतर्गत रजिस्टर किया जाएगा। गौरतलब है कि सिरतार संस्थान पिछले कई वर्षों से विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए शिक्षा और पुनर्वास सुविधाएँ प्रदान कर रहा है। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जी. अनुपमा, निदेशक प्रशांत पवार, रोहतक डिवीज़न के आयुक्त राजीव रतन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और सिरतार संस्थान के प्रिंसिपल एडी पासवान भी उपस्थित थे।
#ambala #News #chandigarh #rohtaks-sirtar-institute #state-of-the-art-facilities #children-with-disabilities