‘जनसेवा ही सर्वोपरि’, जबावदेहिता एवं पारदर्शिता अपनाते हुए, हमारी सरकार सुशासन के लक्ष्य पर केन्द्रित, अधिकारी परिवेदनाओं का शीघ्र करें निस्तारण
एन.एस. बाछल, 19 मई, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय एवं डॉ. भीमराव आम्बेडकर की अंत्योदय की अवधारणा के अनुरूप हमारे लिए जनसेवा ही सर्वोपरि है। जनता की प्रत्येक समस्या का समाधान कर उनकी जनकल्याणकारी योजनाओं तक सुलभ पहुंच सुनिश्चित करवाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रशासन में जबावदेहिता एवं पारदर्शिता अपनाते हुए सुशासन के लक्ष्य पर केन्द्रित होकर काम कर रही हैं।
भजनलाल शर्मा सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई कर रहे थे। जनसुनवाई में सैकड़ों की संख्या में परिवादी अपनी समस्या को लेकर आए। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक परिवादी की समस्या को सुना तथा अधिकारियों को इनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता एवं त्वरित निर्णयों से आमजन बेहद संतुष्ट नजर आए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परिवेदना का समय से निस्तारण किया जाए, जिससे परिवादी को शीघ्र राहत मिले। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह भी सुनिश्चित करे कि समस्या के समाधान होने पर फरियादी को सूचित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से जुडे़ कार्यों में अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करें। गैर-जिम्मेदार कार्मिकों पर कड़ी कार्रवाही की जाएगी।
भजनलाल शर्मा ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, कृषि, गृह, राजस्व, सिंचाई, परिवहन, पशुपालन, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, मनरेगा, ऊर्जा सहित विभिन्न विभागों से संबंधित परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आमजन और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।