17/04/26

अंबाला में गूंजी प्रगतिशील स्वर: डॉ. आंबेडकर जयंती और प्रलेस स्थापना दिवस पर जुटे साहित्यकार

अंबाला, 17 अप्रैल (अन्‍नू): अंबाला के फारुखा खालसा स्कूल में प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस) के 91वें स्थापना दिवस और डॉ. बी.आर. आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता डॉ. पाल कौर ने लेखकों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि एक सच्चा प्रगतिशील लेखक हमेशा दमन और शोषण के विरुद्ध खड़ा होता है। उन्होंने वर्तमान समय में मानवतावादी मूल्यों और संकीर्ण विचारधाराओं के बीच चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए सभी से संविधान और समानता के पक्ष में मजबूती से डटने का आह्वान किया।



सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार

अपने संबोधन के दौरान डॉ. पाल कौर ने समाज की ज्वलंत समस्याओं पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने सिख धर्म में बढ़ते जातिवाद के प्रभाव और दलित राजनीति में पनपते भ्रष्टाचार पर गहरी चिंता व्यक्त की। कार्यक्रम में प्रलेस के प्रधान तनवीर जाफरी ने संघ के ऐतिहासिक सफर और इसकी प्रासंगिकता के बारे में जानकारी दी, वहीं मास्टर जयपाल ने डॉ. आंबेडकर के व्यक्तित्व और उनके महान कार्यों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि साहित्य समाज का दर्पण होने के साथ-साथ परिवर्तन का वाहक भी है।


कविताओं से सजा दूसरा सत्र

समारोह के दूसरे सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें हिंदी, पंजाबी और उर्दू की बेहतरीन रचनाओं ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवियों ने अपनी कलम के जरिए सामाजिक सरोकारों और प्रगतिशील सोच को साझा किया। इस अवसर पर डॉ. रतन सिंह ढिल्लों सहित क्षेत्र के कई नामचीन साहित्यकार और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने न केवल वैचारिक चर्चा को मंच दिया, बल्कि साहित्य के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का संकल्प भी दोहराया।

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