21/09/25

आर्य कॉलेज अम्बाला के सम्मान समारोह में प्राचार्या डॉ. अनुपमा आर्य को किया सम्मानित

जे कुमार, अम्बाला 21 सितम्बर - आर्य कॉलेज, अम्बाला छावनी में प्रिंसीपल नन्द लाल शर्मा मैमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट एवं सांझ, द पोएट्री जंक्शन द्वारा कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया जिसमें प्रिंसीपल नंद लाल शर्मा मैमोरियल ट्रस्ट की ओर से डॉ. अनुपमा आर्य के सेवानिवृत्त उपलक्ष्य में विदाई तथा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

आर्य कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अनुपमा आर्य का अभिवादन करते हुए प्रिंसीपल नन्द लाल शर्मा मैमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के हिन्दी पखवाड़ा के मुख्य अतिथि डॉ. आदर्श मल्होत्रा ने कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर प्राचार्या महोदया को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। भावपूर्ण शब्दों के साथ-साथ टोकन ऑफ लव भी भेंट किया गया।

डॉ. आर्य को सम्मान पत्र/प्रशस्ति पत्र देते हुए सतीश पराशर ने उनकी महाविद्यालय की 36 साल की सेवाओं को दर्शाते हुए बताया कि डॉ. आर्य महाविद्यालय के साथ कुरूक्षेत्र विष्वविद्यालय की कई कमेटियों में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। आर्ट और कल्चर को समर्पित एक कवि हृदय भी रखती हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. आर्य सच्चाई पर चलती हैं जो कहती हैं वही करती हैं।

ओम बनमाली ने पुस्तक भेंट करते हुए कहा कि डॉ. अनुपमा आर्य अनुपम ही रहा है, हर काम आपका, लकीर से हटकर है मुकाम आपका। स्वर्णाक्षरों में ही लिखना पड़ेगा समय की शीला पर शुभ नाम आपका। डॉ. गुलशन राय ने कहा कि डॉ. आर्य ने आर्य कॉलेज को बुलंदियों तक पहुंचाया।

डॉ. शशि धमीजा ने अभिनन्दन करते हुए भविष्य की शुभकामनाएं दी। ट्रस्ट के जनरल सैक्रेटरी डॉ. नीरज पराशर व प्रभा पराशर ने भी अपनी शुभकामनाओं द्वारा प्राचार्या महोदया का सम्मान किया। इस अवसर पर इन्नरव्हील, अम्बाला, फ्रैंड्स क्लब के सदस्य तथा मंजू नान्दरा आदि गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।


काव्य सम्मेलन में प्रतिभावान कवियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रोताओं के हृदय को पूरी तरह से बांध लिया। उनकी भावनाओं से परिपूर्ण कविताएं न केवल श्रवण सुख प्रदान कर रही थीं बल्कि मन की गहराईयों को भी छू रही थीं। डॉ. आदर्श मल्होत्रा, विनोद जांगड़ा, रश्मि सिंघल, अर्चित शर्मा, डॉ. अनुपमा आर्य, मनीशा नारायण, अरूण थापर, अंजलि, गुलशन राय, ओम बनमाली तथा ममता भटनागर ने अपने काव्य प्रस्तुतिकरण द्वारा साहित्यिक सौन्दर्य और सांस्कृतिक समृद्धि का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।


इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उद्योगपति संजय कपूर उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता डॉ. शशि धमीजा, पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्षा, आर्य कॉलेज, अम्बाला छावनी रहीं। इस सम्मान समारोह मेें डॉ. नीता खेड़ा, स्टेट इनफार्मेशन कमिश्नर हरियाणा भी उपस्थित रहीं।


महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. अनुपमा आर्य ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. आदर्श मल्होत्रा ने कहा कि हिन्दी जनसम्पर्क की भाषा है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक हिन्दी भाषा का प्रचार है। श्री मल्होत्रा जी ने सभी गणमान्य अतिथियों के बीच डॉ. अनुपमा आर्य को कुछ पंक्तियां भेंट करते हुए कहा ‘‘ किसी दिए का कोई मुक्कमल जहां नहीं होता, जहां भी जाएगा बस रोशनी फैलाएगा’’। विशिष्ट अतिथि संजय कपूर ने कहा कि हिन्दी एक भाषा नहीं, हिन्दी से हिन्दुस्तान है। मुख्य वक्ता डॉ. शशी धमीजा ने कहा कि हमारा हर दिन हिन्दी दिवस है। उन्होंने ‘‘हिन्दी को खाती हूं, हिन्दी को गाती हूं’’ कविता द्वारा हिन्दी भाषा के प्रति अपने प्रेम को बताया।


डॉ. अनुपमा आर्य ने सम्मान समारोह के अवसर पर भावपूर्ण धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने न केवल अपनी विनम्रता और कृतज्ञता से सभी का मन मोह लिया बल्कि अपनी कविता ‘‘मैं अपनी कृष्ण की अर्जुन हूं, मैंने अपने कृष्ण से सीखा है’’। इस कविता के माध्यम से उन्होंने गहराई से अपने जीवन संघर्षों और आत्मविश्वास को स्वर दिया। उनकी यह पंक्तियां न केवल प्रेरणादायक थीं, बल्कि ये दर्शाती हैं कि जीवन की कठिनाईयों और आलोचनाओं के बीच कैसे दृढ़ संकल्प, आत्मबल और अपने मार्गदर्शक के विश्वास से विजय प्राप्त की जा सकती है।


कार्यक्रम में उपस्थित जनों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट से उनके योगदान को नमन किया जिसमें यह क्षण अत्यंत भावुक एवं प्रेरणादायक हो गया। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रो. ममता भटनागर द्वारा किया गया।

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