हरिद्वार में भारतीय भेषज संहिता (आईपी) 2026 पर वैज्ञानिक सम्मेलन आयोजित
आरएस अनेजा, 11 जून नई दिल्ली - भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था, भारतीय भेषज संहिता आयोग (आईपीसी) ने देवभूमि फार्मा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एडीपीआई) और उत्तराखंड के संबद्ध फार्मास्युटिकल विनिर्माण संघों के सहयोग से हरिद्वार में भारतीय फार्माकोपिया (आईपी) 2026 "फार्माकोपिया मानकों और गुणवत्ता अनुपालन के माध्यम से फार्मास्युटिकल विनिर्माण को सुदृढ़ बनाना" विषय पर एक वैज्ञानिक सम्मेलन और संवादात्मक सत्र का आयोजन किया। इस सम्मेलन का उद्देश्य आईपी-2026 के प्रावधानों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और फार्मास्युटिकल विनिर्माण क्षेत्र में गुणवत्ता अनुपालन को बढ़ावा देना था।
उत्तराखंड भारत के प्रमुख दवा विनिर्माण केंद्रों में से एक है और उन राज्यों में शामिल है जो दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता सुनिश्चित करने के लिए आईपी और भारतीय फार्माकोपिया संदर्भ पदार्थों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर रहे हैं। दवा विनिर्माण में राज्य के महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता देते हुए, उद्योग जगत में जागरूकता बढ़ाने, फार्माकोपिया की आवश्यकताओं के अनुपालन को बढ़ावा देने और दवा क्षेत्र में आईपी मानकों को एकसमान रूप से अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए इस सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिससे राज्य के दवा निर्माताओं और अन्य हितधारकों को सहयोग प्रदान किया जा सके।
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