रोहतक PGI में अंगदान से मिली नई जिंदगी: एयरलिफ्ट कर पंचकूला पहुँचाई किडनी, दिल्ली भिजवाया लीवर
जे कुमार रोहतक, 27 अप्रैल 2026: रोहतक के पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान संस्थान (PGIMS) में एक बार फिर अंगदान के जरिए तीन लोगों को नया जीवन मिला है। एक ब्रेन डेड घोषित मरीज के परिजनों द्वारा अंगदान की सहमति मिलने के बाद, बेहद कम समय में 'ग्रीन कॉरिडोर' और एयरलिफ्ट की मदद से अंगों को संबंधित अस्पतालों तक पहुंचाया गया।
समय की चुनौती और सफल समन्वय
जैसे ही अंगों को निकालने की प्रक्रिया पूरी हुई, प्रशासन और पुलिस ने बिना समय गंवाए समन्वय स्थापित किया:
किडनी (पंचकूला): एक किडनी को विशेष एम्बुलेंस के जरिए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर पंचकूला के कमांड अस्पताल पहुँचाया गया।
लीवर (दिल्ली): लीवर की संवेदनशीलता और समय की कमी को देखते हुए उसे हेलीकॉप्टर के जरिए एयरलिफ्ट किया गया और दिल्ली के आर्मी आर.आर. (R&R) अस्पताल पहुँचाया गया।
दूसरी किडनी: संस्थान में ही एक जरूरतमंद मरीज को दूसरी किडनी प्रत्यारोपित की गई।
ग्रीन कॉरिडोर ने बचाई जान
रोहतक पुलिस ने पीजीआई से लेकर शहर की सीमा तक ट्रैफिक को पूरी तरह रोककर ग्रीन कॉरिडोर बनाया, जिससे एम्बुलेंस ने रिकॉर्ड समय में अंगों को गंतव्य तक पहुँचाने की प्रक्रिया शुरू की। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अंगों को ट्रांसप्लांट करने के लिए समय की पाबंदी (Golden Hour) सबसे महत्वपूर्ण होती है, जिसमें एयरलिफ्ट सेवा ने बड़ी भूमिका निभाई।
अंगदान का महान संदेश
पीजीआई प्रबंधन ने दाता के परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में उनके इस साहसी निर्णय ने तीन परिवारों को नई उम्मीद दी है। यह घटना समाज में अंगदान के प्रति बढ़ती जागरूकता का एक सशक्त उदाहरण है।
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