अंबाला: श्रीकृष्ण कृपा गीता मंदिर में भागवत कथा का दूसरा दिन; कथा व्यास बोले- "रामायण जीना सिखाती है, भागवत मोक्ष दिलाती है"
अंबाला, 3 सितंबर (अन्नू): अंबाला शहर के सेक्टर-8 स्थित श्रीकृष्ण कृपा गीता मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। वृंदावन धाम से आए कथा व्यास गोविंद मुदगल शास्त्री ने कथा सुनाते हुए कहा कि रामायण मनुष्य को जीवन जीने की कला सिखाती है, जबकि श्रीमद्भागवत कथा जीव को मोक्ष का मार्ग दिखाती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि मनुष्य को अपने जीवन में ऐसे निष्काम कर्म करने चाहिए कि रात में सोते समय कोई पछतावा न रहे और अंतिम सांस तक प्रभु का नाम लेने की शक्ति बनी रहे।
सत्य का मार्ग कभी न छोड़ें: राजा परीक्षित के प्रसंग का वर्णन
कथा व्यास ने राजा परीक्षित के प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए संदेश दिया कि व्यक्ति को विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि भागवत कथा के सच्चे मन से श्रवण मात्र से ही जीवन में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संचार होता है।
निष्काम कर्म से ही आत्मिक शांति संभव: स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज
इस शुभ अवसर पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर निष्काम कर्म और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण भाव से ही वास्तविक आत्मिक शांति तथा मोक्ष की प्राप्ति संभव है।
प्रतिदिन शाम 4 से 7 बजे तक हो रहा कथा का आयोजन
श्रीकृष्ण कृपा सेवा समिति के प्रधान विनोद बंसल ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कथा का आयोजन प्रतिदिन सायं 4 बजे से 7 बजे तक किया जा रहा है।
#AmbalaNews #GitaMandirAmbala #BhagwatKatha #SwamiGyananand #GovindMudgalShastri #AmbalaCity #DainikKhabar #BreakingNews
Previous
मध्य प्रदेश पुलिस ने नशीली दवाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की।
Next