29/06/26

नारायणगढ़: डीएवी पब्लिक स्कूल में दो दिवसीय क्षमता वर्धन कार्यशाला संपन्न, शिक्षकों ने सीखीं 'एआई' और 'जियो पॉलिटिक्स' की बारीकियां

नारायणगढ़/अम्बाला, 29 जून (अन्‍नू): नारायणगढ़ के डीएवी पब्लिक स्कूल में डीएवी सेंटर फॉर एकेडमिक एक्सिलेंस, नई दिल्ली के सानिध्य में आयोजित दो दिवसीय क्षमता वर्धन (कपेसिटी बिल्डिंग) कार्यशाला का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस विशेष कार्यशाला में अम्बाला जोन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न डीएवी स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। दो दिनों तक चले इस सत्र में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते महत्व की बारीकियां समझाई गईं।

विशेषज्ञों ने सिखाए भविष्य की शिक्षा के नए गुर

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. आरपी राठी के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डीएवी सीएमसी के ऑनरेरी ट्रेजरर डॉ. एमसी शर्मा और एआरओ डॉ. विकास कोहली विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यशाला के दौरान अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञों ने शिक्षकों को नई तकनीकों और मनोविज्ञान से जोड़ा:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): आईसीटी (ICT) सत्र के तहत शिक्षकों को भविष्य की शिक्षा में एआई (AI) के महत्व और इसके इस्तेमाल के तरीके सिखाए गए।

  • सोशल साइंस व जियो पॉलिटिक्स: सामाजिक विज्ञान के शिक्षकों को वैश्विक परिदृश्य को समझाने के लिए 'जियो पॉलिटिक्स' (भू-राजनीति) के सिद्धांतों से रूबरू कराया गया।

  • बाल मनोविज्ञान व स्टोरी टेलिंग: ईईडीपी (EEDP) सत्र के अंतर्गत बाल मनोविज्ञान (चाइल्ड साइकोलॉजी) को समझने पर जोर दिया गया, जबकि अंग्रेजी विषय के लिए 'स्टोरी टेलिंग' (कहानी सुनाने की कला) के जरिए शिक्षण को रोचक बनाने के गुर सिखाए गए।

शिक्षा के स्तर को और अधिक प्रभावी बनाएंगी ऐसी कार्यशालाएं: डॉ. एमसी शर्मा

मुख्य अतिथि डॉ. एमसी शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं शिक्षकों को समय के साथ अपडेट रखने और नई शिक्षण पद्धतियों (Teaching Methods) से जोड़ने का काम करती हैं। इससे न केवल शिक्षकों का कौशल बढ़ता है, बल्कि स्कूल में शिक्षा का स्तर भी और अधिक प्रभावी व आधुनिक होता है।

प्रधानाचार्य डॉ. आरपी राठी ने कार्यशाला की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि इस गहन प्रशिक्षण को प्राप्त करने के बाद अब ये शिक्षक न केवल अपने स्कूलों में बेहतर परिणाम देंगे, बल्कि सीबीएसई (CBSE) स्तर पर भी उत्कृष्ट रूप से अपनी सेवाएं देने के लिए पूरी तरह सक्षम हो चुके हैं।

यमुनानगर, सढौरा व जगाधरी के प्रिंसिपल्स भी रहे मौजूद

शिक्षकों के इस महामंथन और प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान नारायणगढ़ के अलावा यमुनानगर, सढौरा, जगाधरी और अम्बाला जोन के विभिन्न नामचीन डीएवी स्कूलों के प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल्स) भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने अपने अनुभव साझा किए।

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