गुदराना में मातृ स्वास्थ्य की पाठशाला: सुरक्षित मातृत्व के लिए महिलाओं को दिए गए खास टिप्स
जे कुमार होडल (पलवल), 30 जनवरी 2026: औरंगाबाद ब्लॉक के गांव गुदराना में आज 'सोशल एंड बिहेवियर चेंज कम्युनिकेशन' (SBCC) बैठक के जरिए स्वास्थ्य जागरूकता का विशेष संदेश दिया गया। सोसाइटी फॉर एप्लाइड स्टडीज (SAS) और स्वास्थ्य विभाग के साझा सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति जागरूक करना था।
सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से चर्चा की। महिलाओं को गर्भावस्था का शीघ्र पंजीकरण करवाने, नियमित एएनसी (ANC) जांच और सही पोषण के महत्व के बारे में समझाया गया। साथ ही, अल्ट्रासाउंड जांच, टीडी इंजेक्शन, सोने की सही स्थिति और भ्रूण की गतिविधियों की निगरानी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जानकारी साझा की गई।
विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण सलाह
सोसाइटी फॉर एप्लाइड स्टडीज के प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. प्रणय ने महिलाओं को आगाह किया कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के प्रसव पीड़ा बढ़ाने वाली दवाइयां या ऑक्सीटोसिन का उपयोग कतई न करें, क्योंकि यह मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। डॉ. पंकज ने सीएचसी औरंगाबाद में उपलब्ध मुफ्त और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया कि वहाँ उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का भी विशेष उपचार किया जाता है। उन्होंने महिलाओं को किसी भी स्तर पर होने वाली अवैध वसूली की सूचना तुरंत विभाग को देने की सलाह दी।
आशा फैसिलिटेटर ने 'अनन्य स्तनपान' पर जोर देते हुए बताया कि नवजात शिशु के लिए जन्म के पहले छह माह तक केवल मां का दूध ही अनिवार्य है। जिला परिषद सदस्य उमेश और गांव के सरपंच ने एसएएस टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए ग्रामीणों से अपील की कि वे निजी अस्पतालों के बजाय सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं। इस अवसर पर वैज्ञानिक डॉ. वर्षा, चिकित्सा अधिकारी डॉ. निधि, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी मौजूद रहीं।
#PalwalNews #MaternalHealth #SafeMotherhood #HealthAwareness #HodalNews #HealthyBaby #GovernmentHealthcare #WomenWellness #SBCCMeeting #AurangabadBlock