हरियाणा में मौसम का महा-यूटर्न: 9 जिलों में भारी आंधी-बारिश के साथ गिरे ओले, आज अंबाला-यमुनानगर समेत 5 जिलों में 'रेड अलर्ट'

हरियाणा/मौसम, 29 मई (अन्‍नू): हरियाणा के मौसम में एक बहुत बड़ा और अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिला है। प्रदेश में अचानक सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ और पड़ोसी राज्य राजस्थान के ऊपर बने एक मजबूत चक्रवाती परिसंचरण तंत्र के संयुक्त प्रभाव से पूरे राज्य का मौसम पूरी तरह से पलट गया है। गुरुवार को प्रदेश के करीब 9 प्रमुख जिलों— रेवाड़ी, सिरसा, हिसार, गुरुग्राम, नूंह, महेंद्रगढ़, भिवानी, चरखी दादरी और फतेहाबाद में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। इन क्षेत्रों में 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की विनाशकारी रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने लगी, जिसके साथ ही भारी बारिश हुई और जमकर ओले गिरे। इस बेमौसम बदलाव से पिछले कई दिनों से पड़ रही झुलसाने वाली भीषण गर्मी और लू से तो आमजन को बड़ी राहत मिली है, लेकिन अचानक आए इस तूफान ने प्रदेश में भारी तबाही मचाई है।

आज उत्तर-पूर्वी हरियाणा के 5 जिलों में मौसम विभाग का 'रेड अलर्ट'

मौसम विभाग (IMD) ने आज शुक्रवार के लिए भी प्रदेश में गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों ने राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में आने वाले 5 प्रमुख जिलों— यमुनानगर, अंबाला, पंचकूला, कुरुक्षेत्र और करनाल के लिए "रेड अलर्ट" जारी किया है। विभाग के अनुसार, आज इन जिलों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भयंकर तूफान आने, भारी बारिश होने और ओलावृष्टि की प्रबल आशंका है। इसके अतिरिक्त, मध्य और दक्षिण हरियाणा के शेष जिलों के लिए "ऑरेंज अलर्ट" जारी किया गया है। इन इलाकों में भी 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने व गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है।

तूफान का तांडव: कहीं गिरा मोबाइल टावर तो कहीं टूटी बिजली की मुख्य लाइनें

गुरुवार शाम को आए भयंकर चक्रवात ने बिजली और संचार व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर दिया। तूफान का खतरनाक असर फतेहाबाद के जांडवाला बांगर में देखने को मिला, जहां एक विशाल मोबाइल टावर तेज हवाओं के भारी दबाव के कारण बीच में से टूटकर नीचे लटक गया। इसी तरह हिसार के किरमारा गांव में 440 केवीए (KVA) हाई-टेंशन मल्टिपल टावर ताश के पत्तों की तरह ढह गए, जिसके चलते कई इलाकों में रातभर ब्लैकआउट (बत्ती गुल) रहा। उधर सिरसा के चौपटा क्षेत्र में भी सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़कर मुख्य सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

दो दर्दनाक हादसे: तेज आंधी में दीवारें गिरने से 2 मासूम बच्चों की मौत

इस भयंकर आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में दो बेहद दुखद और दर्दनाक हादसे सामने आए हैं। पहला हादसा नूंह के गोलपुरी गांव में हुआ, जहां मैदान में क्रिकेट खेल रहे चार बच्चे अचानक तूफान आने पर स्कूल की एक पुरानी दीवार के पास छिपने के लिए बैठ गए। इसी दौरान तेज आंधी के कारण वह दीवार अचानक भरभराकर बच्चों पर गिर गई, जिसके मलबे में दबने से 13 वर्षीय सूफियान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आशिक (12), कामिल (9) और वसीम (10) गंभीर रूप से घायल हो गए। दूसरा हादसा चंदेनी गांव में घटित हुआ, जहां तेज तूफान के दौरान एक मकान के आंगन की नवनिर्मित दीवार गिरने से 9 वर्षीय मासूम अन्वेष की मलबे में दबने से दर्दनाक मौत हो गई।

तापमान का लेखा-जोखा: भीषण गर्मी से मिली राहत, पारा 3.4 डिग्री तक गिरा

गुरुवार को हुई इस व्यापक बारिश और ओलावृष्टि के बाद हरियाणा के औसत अधिकतम तापमान में पिछले दिनों के मुकाबले 3.4 डिग्री सेल्सियस की एक बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट की बदौलत लोगों को चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों से काफी हद तक निजात मिली है और सुबह व रात के समय मौसम में अच्छी ठंडक महसूस की जा रही है। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो पश्चिमी हरियाणा का सिरसा जिला अब भी 45.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश में सबसे गर्म दर्ज किया गया। इसके अलावा महेंद्रगढ़ और नारनौल में अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री, हिसार में 44.2 डिग्री, रोहतक में 43.3 डिग्री, अंबाला में 39.4 डिग्री और गुरुग्राम में 38.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

रात और सुबह के मौसम में घुली ठंडक, सोनीपत रहा सबसे ठंडा शहर

बारिश और तेज हवाओं के चलने से न्यूनतम तापमान के स्तर पर भी लोगों को काफी राहत मिली है। पूरे प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान सोनीपत जिले में 22.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि राज्य में सबसे कम रहा। इसके अलावा अन्य प्रमुख शहरों की बात करें तो रोहतक में न्यूनतम पारा 24.2 डिग्री, चंडीगढ़ में 25.6 डिग्री और साइबर सिटी गुरुग्राम में 27.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं अंबाला और नारनौल में न्यूनतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए आमजन से अपील की है कि तेज आंधी के समय बिजली के खंभों, कमजोर दीवारों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।

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