मध्य प्रदेश पुलिस का 'ऑपरेशन मुस्कान' बिछड़े हुए बच्चों के लिए आशा की किरण है।

एन.एस.बाछल, 21 मई, भोपाल।

मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत, राज्य के विभिन्न जिलों में अपहृत और लापता नाबालिग लड़कों और लड़कियों की तलाश के लिए निरंतर, समन्वित और तकनीकी रूप से मजबूत कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, पिछले एक सप्ताह में पुलिस दल ने क्षेत्र के अन्य राज्यों से लापता 5 नाबालिग लड़कियों को सफलतापूर्वक बचाया है और उन्हें उनके परिवारों को सौंप दिया है।

उज्जैन

जिले के उनहेल पुलिस स्टेशन ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए राजकोट (गुजरात) से लापता 16 वर्षीय लड़की को महज 24 घंटों के भीतर सुरक्षित उसके परिवार को सौंप दिया। पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच के कारण ही लड़की को सुरक्षित वापस लाया जा सका, जिससे परिवार के सदस्यों को राहत मिली।

फसल

ऑपरेशन मुस्कान के तहत जिले में भी लगातार प्रभावी कार्रवाई की गई। बरही पुलिस स्टेशन ने दिल्ली से अपहृत लड़की को उसके परिवार को सुरक्षित सौंप दिया।

इसी बीच, स्लीमनबाद पुलिस स्टेशन ने बिहार के पटना जिले से लापता एक और नाबालिग लड़की को सुरक्षित रूप से ढूंढ निकाला।

मुरैना

जिले के कोतवाली पुलिस स्टेशन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज करने के 16 दिनों के भीतर लापता 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को हापुड़ (उत्तर प्रदेश) से उसके परिवार को सुरक्षित सौंप दिया।

गुना

जिले में अपहृत या लापता नाबालिगों की बरामदगी के लिए चल रहे निरंतर और संवेदनशील अभियान के तहत, कोतवाली पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए दिल्ली से लापता लड़की को सुरक्षित बरामद किया और उसे उसके परिवार से मिला दिया।

मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन मुस्कान महज एक अभियान नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और परिवारों की भावनाओं से जुड़ा एक मानवीय प्रयास है। राज्य पुलिस तकनीकी संसाधनों, साइबर ट्रैकिंग, स्थानीय पुलिस समन्वय और निरंतर जमीनी प्रयासों के माध्यम से लापता बच्चों की खोज में लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है।

मध्य प्रदेश पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी बच्चे या लड़की के लापता होने की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें या 112 डायल करें, ताकि तत्काल कार्रवाई करके बच्चों को सुरक्षित ढूंढा जा सके। लापता बच्चों की खोज और पंजीकरण अभियान निरंतर जारी रहेगा।

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