एलओआईधारकों की पहली प्राथमिकता हो माइनिंग प्लान अनुमोदित कराना
एन.एस. बाछल, 17 अप्रैल, जयपुर।
खान विभाग ने ऑक्शन की गई खानों को परिचालन में लाने की कवायद तेज कर दी है। खान एवं भूविज्ञान विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने कहा है कि ऑक्शन ब्लाकों के एलओआई धारक (मंशापत्रधारक) माइनिंग प्लान प्रस्तुत करने को प्राथमिकता दे वहीं आईबीएम मे प्रस्तुत माइनिंग प्लानों की तय समय सीमा में स्वीकृति जारी करने की आवश्यकता प्रतिपादित की है। उन्होंने कहा कि ऑक्शन खनिज प्लॉटों और ब्लॉकों को परिचालन में लाना सरकार की प्राथमिकता है इसके लिए माइनिंग प्लान प्रस्तुत करना और आईबीएम द्वारा समय पर अनुमोदित करना आवश्यक हो जाता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ऑक्शन खनिज ब्लॉकों को शीघ्र परिचालन में लाने पर जोर देते रहे हैं जिससे प्रदेश में खनन, रोजगार, निवेश व राजस्व में बढ़ोतरी होगी। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में मिनरल ब्लॉकों की नीलामी में राजस्थान ने समूचे देश में परचम फहराया है। अब इन्हें परिचालन में लाना सरकार की वरियता में है।
प्रमुख सचिव माइन्स टी. रविकान्त बुधवार को सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खान विभाग के निदेशक दीपक तंवर सहित वरिष्ठ अधिकारियों से रुबरु हो रहे थे। उन्होंने कहा कि खान विभाग द्वारा मेजर और माइनर खनिजों ब्लॉकों व प्लॉटों की नीलामी का नया रेकार्ड बनाया है। अब इन खनिज ब्लॉकों व प्लॉटों में खनन कार्य आरंभ करने से पहले की औपचारिकताएं पूरी कर इन्हें परिचालन में लाना है। उन्होंने कहा कि एलओआई धारकों को मार्गदर्शन, सहयोग और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराने में समन्वय के लिए विभाग द्वारा पोस्ट ऑक्शन फेसिलिटेशन सेल बनाकर उसमें वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि जिन एलओआईधारकों द्वारा अभी तक माइनिंग प्लान प्रस्तुत नहीं किया गया है उन्हें प्राथमिकता से माइनिंग प्लान प्रस्तुत करना होगा।
खान सचिव ने कंपोजिट लाइसेंसधारकों से भी माइनिंग स्कीम प्रस्तुत करने और जो माइनिंग स्कीम प्रस्तुत हो चुकी है उनका तत्काल परीक्षण कर अनुमोदन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यालय स्तर पर 8 माइनिंग स्कीम का परीक्षण कर अनुमोदन किया जाना है वहीं 23 मंशापत्रधारकों द्वारा माइनिंग प्लान तैयार कर आईबीएम प्रस्तुत किया जाना है वहीं 4 माइनिंग प्लान आईबीएम द्वारा अनुमोदन के स्तर पर है।
निदेशक माइंस दीपक तंवर ने बताया कि मुख्यालय स्तर की माइनिंग स्कीम का परीक्षण कर अनुमोदन किया जा रहा है वहीं जिन मंशापत्रधारकों ने अभी तक आईबीएम में माइनिंग प्लान प्रस्तुत नहीं किया है उनसे समन्वय बनाते हुए माइनिंग प्लान प्रस्तुत करवाया जाएगा।
दीपक तंवर ने बताया कि विभाग द्वारा नीलाम खानों को जल्द से जल्द परिचालन में लाने के लिए एसएमई स्तर के अधिकारी प्रताप मीणा को पोस्ट ऑक्शन फेसिलिटेशन सेल का प्रभारी बनाया है और समन्वय व मार्गदर्शन की जिम्मेदारी दी गई है।
वीसी में अतिरिक्त निदेशक मुख्यालय महेश माथुर, एसएमई मेजर भीम सिंह, एसएमई माइनर कमलेश्वर बारेगामा, अतिरिक्त निदेशक भूविज्ञान गोपालाराम, एसएमई विजिलेंस व प्रभारी सेल श्री प्रताप मीणा, ओएसडी श्रीकृष्ण शर्मा, एसजी सुनील कुमार वर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।