05/03/26

करनाल: घरौंडा अस्पताल में पुलिस और डॉक्टर के बीच भारी टकराव, मेडिकल ऑफिसर से बदसलूकी के बाद डॉक्टरों की हड़ताल

हरियाणा/करनाल, 05 मार्च (अन्‍नू): हरियाणा के करनाल जिले में स्थित घरौंडा सरकारी अस्पताल में उस वक्त भारी हंगामा हो गया, जब स्थानीय पुलिस और मेडिकल ऑफिसर के बीच विवाद हिंसक मोड़ पर पहुंच गया। आरोप है कि थाना प्रभारी अपने दलबल के साथ अस्पताल परिसर में दाखिल हुए और वहां तैनात मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर प्रशांत के साथ न केवल धक्का-मुक्की की, बल्कि उन्हें थप्पड़ जड़ते हुए कॉलर पकड़कर पुलिस वाहन में जबरन बैठा लिया। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मी और डॉक्टरों के बीच तीखी बहस और खींचतान साफ देखी जा सकती है। इस अपमानजनक व्यवहार से आक्रोशित होकर अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और अन्य सदस्यों ने तुरंत काम बंद कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।


पूरे विवाद की जड़ एक मेडिकल लीगल केस (MLC) से जुड़ी बताई जा रही है। अस्पताल कर्मियों के अनुसार, कुछ मरीजों ने डॉक्टर प्रशांत के साथ अभद्रता की थी, जिसकी सहायता के लिए डॉक्टर ने पुलिस को फोन किया था। आरोप है कि फोन पर बातचीत के दौरान पुलिस का रवैया सहयोगात्मक नहीं था, जिससे बहस बढ़ गई। स्टाफ का यह भी दावा है कि थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मी कथित तौर पर नशे की हालत में थे और उन्होंने अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टर के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। कर्मचारियों ने मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मियों का भी मेडिकल परीक्षण कराया जाना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।


दूसरी ओर, थाना प्रभारी दीपक कुमार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा है। पुलिस का कहना है कि डॉक्टर ने फोन पर बातचीत के दौरान एसएचओ के साथ दुर्व्यवहार किया और अपशब्दों का प्रयोग किया। पुलिस के मुताबिक, इसी वजह से उन्हें थाने ले जाया गया था और बाद में डॉक्टर ने अपने व्यवहार के लिए लिखित में माफी भी मांगी है। हालांकि, वीडियो साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है, जिससे विभाग के बीच का यह टकराव अब सड़क पर आ गया है।

इस घटना के बाद डॉक्टर एसोसिएशन पूरी तरह से पीड़ित मेडिकल ऑफिसर के समर्थन में उतर आई है और पूरे जिले में सरकारी सेवाओं को ठप करने यानी हड़ताल का ऐलान कर दिया है। एसोसिएशन की स्पष्ट मांग है कि दोषी थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर गिरफ्तार किया जाए। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों और डिप्टी सिविल सर्जन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को भेजने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल, अस्पताल में विरोध प्रदर्शन जारी है और स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।


#KarnalNews #DoctorVsPolice #GharaundaHospital #HaryanaPolice #DoctorStrike #MedicalOfficer #JusticeForDoctors #KarnalUpdate

Previous

दैनिक खबर: समाचार सुबह 10 बजे

Next

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष उतरे फील्ड में, अफसरों के साथ आनासागर झील का दौरा किया