नारायणगढ़: दिव्य ज्योति जागृति संस्थान में सत्संग का आयोजन; साध्वी हेमसुता भारती ने बताया रक्षाबंधन का आध्यात्मिक महत्व
नारायणगढ़, 24 अगस्त (अन्नू): दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम में श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर विशेष सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सत्संग में संस्थापक आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी हेमसुता भारती ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि रक्षाबंधन का पर्व भारतीय सनातन परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे, पारस्परिक सहयोग और सद्भाव को मजबूत करता है।
साध्वी ने कहा कि यह त्योहार केवल भाई-बहन के पवित्र स्नेह और विश्वास का प्रतीक नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी, ज्ञान और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का शुभ संकल्प भी है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उसकी दीर्घायु व मंगल की कामना करती हैं, वहीं भाई उनकी सुरक्षा का वचन लेता है।
भजन संध्या के बाद श्रद्धालुओं में बांटा गया प्रसाद:
सांस्कृतिक व आध्यात्मिक संदेश: सत्संग के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि रक्षाबंधन पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत और नैतिक मूल्यों को संजोकर रखने की प्रेरणा देता है।
भजन प्रस्तुति: साध्वी बहनों ने सुमधुर और भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया।
प्रसाद वितरण: कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और श्रद्धालु मौजूद रहे।
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