भारत स्मार्टफोन से लेकर लैपटॉप तक आईटी हार्डवेयर विनिर्माण में आगे बढ रहा है
आरएस अनेजा, नई दिल्ली 11 जनवरी
भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी, रेलवे और सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कल चेन्नई में सिरमा एसजीएस टेक्नोलॉजी की अत्याधुनिक लैपटॉप असेंबली लाइन का उद्घाटन किया ।
मद्रास निर्यात प्रोसेसिंग जोन (एमईपीजेड) में स्थित यह सुविधा भारत की 'मेक इन इंडिया' यात्रा में एक बहुत महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है, जो मोबाइल फोन से आईटी हार्डवेयर विनिर्माण, विशेषकर लैपटॉप तक अपना प्रभुत्व बढ़ा रही है।
'मेक इन इंडिया' में एक महत्वपूर्ण कदम
नई असेंबली लाइन में शुरू में सालाना 100,000 लैपटॉप का उत्पादन होगा, जिसकी निर्माण क्षमता अगले 1-2 वर्षों में बढ़कर 10 लाख तक हो जाएगी । सिरमा एसजीएस वर्तमान में चेन्नई में चार विनिर्माण इकाइयों का संचालन करता है, जिसकी यूनिट 3 में अब लैपटॉप उत्पादन शुरू हो गया है।
उद्घाटन के अवसर पर बोलते हुए, श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "हमें यह सुनिश्चित करने के लिए सावधानीपूर्वक काम करना चाहिए कि आने वाले समय में इलेक्ट्रॉनिक घटक इको- सिस्टम भी विकसित हो। ये न केवल भारत के लिए एक बड़ी विकास कहानी को आगे बढ़ाएगा, बल्कि ये आत्मनिर्भर भारत के हमारे विजन के अनुरूप भी होगा, जो आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा और वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण परिदृश्य में हमारी स्थिति को सुदृढ़ करेगा।"
यह पहल आईटी हार्डवेयर के लिए पीएलआई 2.0 योजना का हिस्सा है, जो हाई वैल्यू इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में भारत की बढ़ती क्षमताओं को उजागर करती है और आईटी हार्डवेयर में देश की आत्मनिर्भरता को और मजबूत करती है।
भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ा है, जिसका कुल उत्पादन 2014 में 2.4 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024 में 9.8 लाख करोड़ रुपये हो गया है । अकेले मोबाइल विनिर्माण 4.4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि 2024 में निर्यात 1.5 लाख करोड़ रुपये था। भारत में उपयोग किए जाने वाले 98 प्रतिशत मोबाइल फोन अब भारत में निर्मित किए जा रहे हैं और स्मार्टफोन भारत से निर्यात की जाने वाली चौथी सबसे बड़ी वस्तु बन गई है।