ऑपरेशन सिंदूर में महज 22 मिनट में भारतीय सेनाओं ने दुश्मनों के ठिकानों को ध्वस्त किया : प्रधानमंत्री मोदी
आरएस अनेजा, 21 जुलाई नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2025 के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले आज संसद परिसर में मीडिया को संबोधित किया। मानसून सत्र में सभी का स्वागत करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि मानसून नवाचार और नवीनीकरण का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहली बार भारतीय तिरंगा फहराए जाने के ऐतिहासिक क्षण को रेखांकित किया और इसे प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए अपार गौरव का स्रोत बताया।
ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारतीय सेना ने अपने निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत सफलता के साथ हासिल किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत, केवल 22 मिनट में, भारतीय सेनाओं ने दुश्मनों के महत्वपूर्ण ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। पीएम ने बताया कि उन्होंने बिहार में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में इस ऑपरेशन की घोषणा की थी और सशस्त्र बलों ने तेज़ी से अपना पराक्रम साबित किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जब संसद इस सत्र के दौरान एक स्वर में इस विजय का जश्न मनाएगी, तो यह भारत की सैन्य शक्ति को और ऊर्जावान और प्रोत्साहित करेगा।
मोदी ने बताया कि नक्सलवाद और माओवाद का भौगोलिक विस्तार अब तेज़ी से सिकुड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के सुरक्षा बल नए आत्मविश्वास और त्वरित प्रयासों के साथ नक्सलवाद और माओवाद को पूरी तरह से समाप्त करने के लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि 2014 में जब उनकी सरकार ने कार्यभार संभाला था तब भारत पांच नाज़ुक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल था। उन्होंने कहा कि उस समय वैश्विक आर्थिक रैंकिंग में भारत दसवें स्थान पर था, लेकिन आज भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है और उस मुकाम के द्वार पर दस्तक दे रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "डिजिटल इंडिया और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) जैसी पहल दुनिया के सामने भारत की उभरती क्षमताओं को प्रदर्शित कर रही हैं और वैश्विक मान्यता प्राप्त कर रही हैं। भारत की डिजिटल प्रणाली में रुचि तेज़ी से बढ़ रही है।"
अंतरराष्ट्रीय संगठनों के हालिया वैश्विक शिखर सम्मेलन में भारत की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए, मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) का हवाला दिया। आईएलओ के अनुसार, भारत में 90 करोड़ से ज़्यादा लोग अब सामाजिक सुरक्षा के दायरे में हैं, जो सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
राजनीतिक दलों और उनके संबंधित एजेंडों की विविधता को स्वीकार करते हुए मोदी ने कहा कि दलीय हितों पर राय अलग-अलग हो सकती है, लेकिन राष्ट्रीय हित के मामलों में इरादों में सामंजस्य होना चाहिए। उन्होंने सभी संसद सदस्यों को सार्थक एवं बेहतर गुणवत्ता वाली बहस के लिए शुभकामनाएं दीं।
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