25/06/25

ऐतिहासिक क्षण : भारत के शुभांशु सहित चार अंतरिक्ष यात्रियों ने भरी उड़ान, देखे लाचिंग का वीडियो

आरएस अनेजा, 25 जून नई दिल्ली

एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा के लिए भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों ने उड़ान भर ली है।

स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट ने नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से बुधवार दोपहर 12 बजकर एक मिनट पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए उड़ान भरी। एक्सिओम-4 मिशन के 28 घंटे की यात्रा के बाद भारतीय समयानुसार गुरुवार शाम साढ़े चार बजे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचने का अनुमान है।

अंतरिक्ष में ये एक्सिओम-4 का चौथा प्राइवेट मिशन है जो नासा और स्पेसएक्स का संयुक्त मिशन है। इस स्पेस मिशन में 4 देशों के 4 एस्ट्रोनॉट शामिल हैं जिनमें भारत, अमेरिका, पोलैंड, हंगरी जिनके एस्ट्रोनॉट मिशन में शामिल हैं।

यह मिशन भारत के लिए ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि यह 1984 में राकेश शर्मा की सोवियत मिशन यात्रा के बाद भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान में वापसी का प्रतीक है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, भारतीय वायु सेना के एक अनुभवी टेस्ट पायलट हैं और इस मिशन के भी पायलट होंगे और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने वाले पहले भारतीय बनेंगे। उनके साथ मिशन में कमांडर के रूप में पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्री और एक्सिओम स्पेस की मानव अंतरिक्ष उड़ान निदेशक पैगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोस्ज़ उज़नान्स्की-विस्निव्स्की (यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी) और हंगरी के टिबोर कपु (हंगेरियन स्पेस ऑफिस) शामिल हैं।

शुभांशु शुक्ल इस मिशन के दौरान सात भारतीय प्रयोग करेंगे, जिनमें माइक्रोग्रैविटी में सूक्ष्मजीवों के अनुकूलन, मांसपेशियों की समस्याओं, फसलों की लचीलापन और स्क्रीन उपयोग के संज्ञानात्मक प्रभावों का अध्ययन शामिल है। ये प्रयोग इसरो और भारतीय संस्थानों द्वारा डिजाइन किए गए हैं और यह अंतरिक्ष अनुसंधान में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाते हैं। इसके अलावा, मिशन 31 देशों के साथ मिलकर 60 वैज्ञानिक अध्ययनों को अंजाम देगा, जो माइक्रोग्रैविटी में मानव जीवविज्ञान और दीर्घकालिक अंतरिक्ष मिशनों के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेगा।

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