04/07/26

नशे के खिलाफ हिसार पुलिस की अनूठी पहल: तस्करों पर शिकंजा कसने के साथ पीड़ितों के इलाज और पुनर्वास पर दिया जोर

हिसार, 4 जुलाई (अन्‍नू): हरियाणा में नशे के बढ़ते जाल को काटने और युवाओं को इस दलदल से बाहर निकालने के लिए हिसार पुलिस ने एक बेहद मानवीय और सराहनीय पहल की शुरुआत की है। पुलिस अधीक्षक (SP) हिसार के कुशल नेतृत्व में जिला पुलिस अब केवल नशा तस्करों को जेल भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे की गिरफ्त में आकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे युवाओं का इलाज करवाकर उन्हें एक नई जिंदगी देने का प्रयास भी कर रही है। इसी कड़ी में जिला की नशा मुक्ति पुलिस टीम ने थाना आदमपुर के अंतर्गत आने वाले गांव सारंगपुर और थाना अग्रोहा के गांव कालीरावण में एक विशेष जन-जागरूकता, इलाज और पुनर्वास (Rehabilitation) अभियान चलाया।

गांव-गांव जाकर परिजनों और युवाओं से किया सीधा संवाद

अभियान के दौरान विशेष पुलिस टीम ने दोनों गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों, युवाओं और उनके अभिभावकों (Parents) के साथ सीधी चौपाल लगाई और संवाद किया। टीम ने युवाओं को नशे के जानलेवा दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया और उन्हें सिंथेटिक व अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहकर शिक्षा, खेलकूद तथा अन्य सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही अभिभावकों से भी भावुक अपील की गई कि वे अपने बच्चों की बदलती आदतों और संगति पर विशेष नजर रखें, ताकि उन्हें इस सामाजिक बुराई की चपेट में आने से समय रहते बचाया जा सके।

घर-घर जाकर बांटी दवाएं, 24 नशा पीड़ितों का इलाज कराया शुरू

इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि नशा मुक्ति टीम ने गांवों में नशा पीड़ितों और उनके लाचार परिजनों से व्यक्तिगत (Personal) रूप से मुलाकात की। टीम ने उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें विश्वास दिलाया कि नशा एक बीमारी है जिसका इलाज पूरी तरह संभव है। पुलिस ने मौके पर ही पीड़ितों के उपचार की कमान संभाली और कड़े आंकड़े सामने आए:

  • नए मरीजों की मदद: अभियान के दौरान गांवों से 2 नए नशा पीड़ितों की पहचान की गई। इनमें से 1 पीड़ित को पहली बार सरकारी अस्पताल, हिसार के नशा मुक्ति केंद्र ले जाकर उसका इलाज शुरू करवाया गया और दवाएं उपलब्ध कराई गईं। वहीं, 3 अन्य नए पीड़ितों को उनके घर पर ही पहली बार सरकारी डॉक्टरों की देखरेख में आयुर्वेदिक दवाएं मुहैया कराई गईं।

  • लगातार फॉलोअप: इसके अतिरिक्त, पहले से चिन्हित 8 नशा पीड़ितों को दूसरी बार सरकारी नशा मुक्ति केंद्र ले जाकर फॉलोअप दवा दिलवाई गई, जबकि 12 पुराने नशा पीड़ितों को उनके घर जाकर दोबारा आयुर्वेदिक दवाएं दी गईं ताकि उनका इलाज बीच में न छूटे और वे पूरी तरह ठीक हो सकें।

इस अभियान के दौरान पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करों और सप्लायरों से जुड़ी खुफिया जानकारियां भी गोपनीय रूप से एकत्रित कीं, ताकि उन पर कानूनी स्ट्राइक की जा सके।

नशे के खिलाफ जंग पूरे समाज की जिम्मेदारी: एसपी हिसार

हिसार पुलिस का स्पष्ट उद्देश्य केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि नशे के कारण रास्ते से भटक चुके युवाओं को इलाज और सही परामर्श (Counseling) देकर दोबारा समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।

इस मानवीय मुहिम पर अपना संदेश देते हुए पुलिस अधीक्षक हिसार ने कहा, "नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल पुलिस महकमे की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सांझी जिम्मेदारी है। हिसार पुलिस जहां एक तरफ नशा तस्करों और ड्रग माफियाओं के खिलाफ लगातार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी तरफ नशे की लत से जूझ रहे बीमार युवाओं को उपचार और पुनर्वास के माध्यम से नया जीवन देने का पवित्र कार्य भी कर रही है। नशा मुक्ति टीम का यह जमीनी प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।"

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