गुरुग्राम में 'डॉ. बंगाली जनता सेवा क्लीनिक' का भंडाफोड़: स्वास्थ्य विभाग की रेड, 6 साल से मरीजों की जान से खेल रहा फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार
गुरुग्राम, 27 मई (अन्नू): गुरुग्राम जिले के न्यू पालम विहार इलाके में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। स्वास्थ्य विभाग और ड्रग कंट्रोल विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात एक बड़ी और योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए एक अवैध क्लिनिक का भंडाफोड़ किया है। टीम ने सेक्टर-110 स्थित यादव मार्केट में बिना किसी अनुमति के चल रहे "डॉ. बंगाली जनता सेवा क्लीनिक" पर छापा मारकर एक फर्जी डॉक्टर को रंगे हाथों काबू किया है।
डॉ. ओम प्रकाश और ड्रग कंट्रोलर डॉ. सुरेश की अगुवाई में आधी रात को पड़ा छापा
यह पूरी बड़ी कार्रवाई जिला सिविल अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. ओम प्रकाश और ड्रग कंट्रोल ऑफिसर डॉ. सुरेश कुमार की संयुक्त अगुवाई वाली एक विशेष टीम द्वारा अंजाम दी गई। विभाग को पिछले काफी समय से गुप्त शिकायतें मिल रही थीं कि यादव मार्केट में एक शख्स बिना किसी वैध डिग्री के क्लिनिक खोलकर बैठा है और भोले-भाले लोगों का इलाज कर रहा है।
शिकायत की पुख्ता पुष्टि होने के बाद टीम ने देर रात अचानक रेड की, जिससे क्लिनिक के भीतर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। अधिकारियों ने देखा कि एक व्यक्ति बिना किसी डॉक्टरी योग्यता के वहां मौजूद मरीजों को एलोपैथिक दवाइयां और इंजेक्शन दे रहा था।
पश्चिम बंगाल का रहने वाला है फर्जी डॉक्टर सुकुमार, 6 साल से ठग रहा था लोग
पकड़े गए आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के रहने वाले सुकुमार बिस्वास के रूप में हुई है।
दस्तावेज नहीं कर सका पेश: जांच के दौरान जब स्वास्थ्य और ड्रग कंट्रोल के अधिकारियों ने सुकुमार से उसकी मेडिकल प्रैक्टिस से जुड़ी डिग्री, पंजीकरण प्रमाण पत्र (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) और ड्रग लाइसेंस की मांग की, तो वह एक भी वैध कागज पेश नहीं कर सका।
बायो-मेडिकल नियमों का उल्लंघन: क्लिनिक के पास बायो-मेडिकल वेस्ट निस्तारण (कचरा प्रबंधन) का सर्टिफिकेट या जीवन रक्षक दवाइयों की खरीद-बिक्री का कोई भी वैध रिकॉर्ड नहीं मिला।
जुर्म कबूला: कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी सुकुमार बिस्वास ने कबूल किया कि वह पिछले छह वर्षों से इस इलाके में बिना किसी कानूनी अनुमति और मेडिकल डिग्री के लोगों का इलाज कर रहा था।
गंभीर बीमारियों का डर दिखाकर वसूलता था मोटी रकम; दवाइयां सील
क्लिनिक की बारीकी से तलाशी लेने पर संयुक्त टीम को भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाइयां, इस्तेमाल की जा चुकीं सिरिंज, आईवी (IV) सेट, ग्लूकोज की बोतलें और कई अन्य प्रतिबंधित मेडिकल उपकरण बरामद हुए। इसके अलावा मौके से कुछ मरीजों की लैब रिपोर्ट्स भी मिलीं, जिनका इस्तेमाल आरोपी मरीजों को गंभीर बीमारियों का झूठा डर दिखाकर गुमराह करने और उनसे मोटी रकम ऐंठने के लिए करता था। अधिकारियों ने मौके से 17 अलग-अलग प्रकार की एलोपैथिक दवाओं और उपकरणों को जब्त कर उन पर "VK" मार्का मोहर लगाकर उन्हें सील कर दिया।
बजघेड़ा थाना पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, आरोपी हिरासत में
मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल टीम ने तुरंत स्थानीय बजघेड़ा थाना पुलिस को मौके पर बुलाया। पुलिस ने फर्जी डॉक्टर सुकुमार बिस्वास को तुरंत हिरासत में ले लिया और सील की गई दवाओं व उपकरणों को अपने कब्जे में ले लिया।
मेडिकल ऑफिसर डॉ. ओम प्रकाश की लिखित शिकायत के आधार पर बजघेड़ा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी (Cheating) और मेडिकल काउंसिल एक्ट (Medical Council Act) की विभिन्न गंभीर व गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपी से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध क्लिनिक के पीछे दवाइयों की सप्लाई करने वाले और इस धंधे में शामिल अन्य लोग कौन हैं।
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