26/04/25

सरकारी कॉलोनियों सहित सरकारी प्रतिष्ठानों को प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए: मनोहर लाल

आरएस अनेजा, 26 अप्रैल नई दिल्ली

 क्षेत्रीय बिजली सम्मेलन का आयोजन सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग और केंद्रीय विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल की उपस्थिति में राजधानी गंगटोक में 26 अप्रैल को किया गया।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इस अवसर पर अपने संबोधन में देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए भविष्य के लिए तैयार, आधुनिक और वित्तीय रूप से व्यवहार्य बिजली क्षेत्र के महत्व को रेखांकित किया।

उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में बिजली के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि यह क्षेत्रीय सम्मेलन पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली क्षेत्र के संबंध में विशिष्ट चुनौतियों और समाधानों की पहचान करने में मदद करेगा।

मनोहर लाल ने कहा कि वर्तमान बिजली जरूरतों को पूरा करने में 0.1 प्रतिशत के मामूली अंतर के बावजूद, भविष्य की मांगों को पूरा करने के लिए प्रयास जारी रखने होंगे। वर्ष 2014 से, बिजली उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है, और थर्मल, हाइड्रो, परमाणु और अक्षय ऊर्जा सहित उत्पादन के विभिन्न तरीकों को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। नेट जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पर्यावरण संबंधी चिंताओं का समाधान निकालना और गैर-जीवाश्म बिजली की ओर बढ़ना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि आरडीएसएस और पीएम-जनमन जैसी सरकारी योजनाओं के माध्यम से बिजली वितरण क्षेत्र की कठिनाइयों का समाधान किया जा रहा है और वंचित घरों तक बिजली पहुंचाई जा रही है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि वितरण क्षेत्र खराब टैरिफ संरचनाओं, उप-इष्टतम बिलिंग और संग्रह तथा सरकारी विभागों के बकाया और सब्सिडी के भुगतान में देरी के कारण चुनौतियों का सामना कर रहा है। वितरण क्षेत्र को व्यवहार्य बनाने के लिए एटीएंडसी घाटे और आपूर्ति की औसत लागत और औसत प्राप्त राजस्व के बीच के अंतर को कम करना आवश्यक है। इसे प्राप्त करने के लिए टैरिफ लागत का प्रतिबिंबित होना आवश्यक है।

स्मार्ट मीटरिंग कार्यों सहित आरडीएसएस के तहत कार्यों के निष्पादन पर भी जोर दिया, जिससे उपयोगिताओं के परिचालन घाटे में सुधार करने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकारी कॉलोनियों सहित सरकारी प्रतिष्ठानों को प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्यों को ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना चाहिए और पूर्वोत्तर क्षेत्र में पंप स्टोरेज सहित जल विद्युत क्षमता को देखते हुए राज्यों को उस क्षमता का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रयास करना चाहिए।

सिक्किम के मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अतिथियों का स्वागत किया और राज्य भर में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में सुधार के लिए राज्य सरकार की ओर से उठाए गए प्रमुख कदमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बिजली क्षेत्र में और सुधार के लिए राज्य की प्रस्तावित योजना पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर भारत सरकार से हस्तक्षेप करने का भी अनुरोध किया।

इस सम्मेलन में शामिल राज्यों ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को दिए गए महत्व के लिए केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल को धन्यवाद दिया। इसके साथ ही, उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र में बिजली के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए भारत सरकार से निरंतर सहयोग का अनुरोध किया।

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