गोवा बैंक धोखाधड़ी मामला: ED की बड़ी कार्रवाई, 67.50 लाख रुपये नकद और अहम दस्तावेज जब्त

नई दिल्ली/गोवा, 09 मई (अन्‍नू): प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पणजी जोनल ऑफिस ने गोवा में 6 स्थानों पर बड़ी छापेमारी की है। यह कार्रवाई 'मैसर्स क्राउन मिनरल ट्रेडिंग कॉरपोरेशन' (CMTC) और उसके भागीदारों से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई। इस तलाशी अभियान के दौरान ED ने 67.50 लाख रुपये की नकद राशि, संपत्ति की बिक्री के विलेख (sale deeds) सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं।


धोखाधड़ी का मामला और FIR

ED द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, यह जांच CBI (ACB), गोवा द्वारा दर्ज की गई एक FIR पर आधारित है। केनरा बैंक की शिकायत पर दर्ज इस मामले में आरोप है कि कच्चे लोहे के व्यापार में शामिल होने का दावा करने वाली फर्म CMTC के भागीदारों ने केनरा बैंक की मडगांव शाखा से 7.00 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधा धोखाधड़ी से प्राप्त की थी। ऋण न चुकाने के कारण, इस खाते को 'गैर-निष्पादित संपत्ति' (NPA) घोषित कर दिया गया था, जिस पर 6.19 करोड़ रुपये बकाया थे।



जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

ED की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच में यह बात सामने आई है कि CMTC का कोई वास्तविक व्यवसाय नहीं था और बैंक से लिए गए ऋण को भागीदारों के व्यक्तिगत बैंक खातों में भेज दिया गया था। यही नहीं, ऋण नवीनीकरण के लिए फर्जी स्टॉक स्टेटमेंट जमा किए गए थे। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि केनरा बैंक के पास गिरवी रखी गई संपत्तियों को ही सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे कई अन्य बैंकों के पास भी गिरवी रखकर कुल 10.02 करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऋण लिए गए थे।


संपत्तियों की कुर्की और वर्तमान स्थिति

ED के अनुसार, आरोपियों ने एक आपराधिक साजिश के तहत एक ही संपत्ति के लिए कई बिक्री विलेख (sale deeds) तैयार किए और अपराध की कमाई को वैध दिखाने के लिए अलग-अलग बैंकों में पेश किया। इससे पहले, ED ने PMLA के तहत CMTC के भागीदारों की 2.86 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। प्रेस नोट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मामले की आगे की जांच अभी जारी है।



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