कृषि योजनाओं का लाभ किसानों को पूर्ण पारदर्शिता के साथ समय पर दें- शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी
एन.एस. बाछल, 12 जुलाई, जयपुर।
शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी राजन विशाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को पंत कृषि भवन में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में तारबंदी, फार्म पौण्ड, डिग्गी, सिंचाई पाइप लाइन, बीज मीनिकिट वितरण, कृषि यंत्र, कस्टम हायरिंग, सेंन्टर, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, गुण नियंत्रण अभियान, गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना, वर्मी कंपोस्ट इकाई, मृदा शक्ति संवर्धन योजना, पॉली हाउस, ग्रीन हाउस, ड्रिप, स्प्रिंक्लर इरिगेशन, प्याज भंडार गृह, सौर ऊर्जा पंप संयंत्र स्थापना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ पात्र किसानों को पारदर्शिता के साथ समय पर दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने एवं सतत कृषि विकास सुनिश्चशित करने हेतु विभाग को तकनीकी नवाचारों को अपनाने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर फॉलोअप तंत्र को भी मजबूत करना होगा।
राजन विशाल ने सभी जिलों की योजनाओं से संबंधित प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए धीमी प्रगति वाले क्षेत्रों में सुधार कर योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा कृषकों तक पहुचाने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों के प्रशिक्षण, प्रचार-प्रसार तथा शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया।
बैठक में शासन सचिव ने हरियालो कार्यक्रम के तहत पौधारोपण गतिविधियों, पौधों की सर्वाइवल दर और सामुदायिक भागीदारी की समीक्षा की और उन्होंने राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्ट समिट के तहत कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा किए गए एमओयू की प्रगति की चर्चा भी की।
बैठक में आयुक्त कृषि एवं उद्यनिकी चिन्मयी गोपाल, अतिरिक्त निदेशक कृषि (प्रशासन) हुशियार सिंह, अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) एस एस शेखावत, अतिरिक्त निदेशक उद्यान हीरेंद्र कुमार शर्मा, अतिरिक्त निदेशक कृषि (आदान) गोपाल लाल जाट, अतिरिक्त निदेशक कृषि (अनुसंधान) अजय कुमार पचोरी सहित कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।