जे कुमार, अम्बाला 16 अक्तूबर - दीपावली पर्व खुशियों का त्यौहार है और इस पर्व को हमें हर्षोल्लास के साथ मिलकर मनाना है। ग्रीन पटाखों का प्रयोग करना है। यह बात उपायुक्त एवं जिला बाल कल्याण परिषद के अध्यक्ष अजय सिंह तोमर ने कही | उन्होंने कहा कि बाल कल्याण परिषद द्वारा लघु बाल भवन अम्बाला छावनी में दीपावली पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपने सम्बोधन में कहे।
इस मौके पर उनके साथ आयुष्मान भारत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी संगीता तेतरवाल (आईएएस), एसीयूटी राहुल कनवरिया, शिवालिक विकास एंजैसी से सीईओ पूजा सैनी भी मौजूद रही। उपायुक्त व अन्य अतिथियों का यहां पहुंचने पर जिला बाल कल्याण अधिकारी ने पुष्प गुच्छ देकर अभिनंदन किया।
उपायुक्त एवं जिला बाल कल्याण परिषद के अध्यक्ष अजय सिंह तोमर ने दीपक जलाकर दीपावली पर्व की उपस्थित सभी को बधाई दी। उपायुक्त ने इस मौके पर कहा कि दीपावली पर्व सभी के घर में खुशियां लेकर आए, इसके लिए उन्होंने प्रभु से कामना भी की। उन्होंने कहा कि जब भी बच्चे पटाखे जलाएं तो संभालकर जलाएं।
ग्रीन पटाखों का ही प्रयोग करें तथा अभिभावक भी यह ध्यान रखें कि जब भी बच्चे पटाखे जलाएं तो वह उनके साथ रहें। उन्होंने उपस्थित अभिभावकों से यह भी कहा कि दीपावली पर्व पर दीपक एवं रोशनी क्यों की जाती है इसकी महत्वता बारे बच्चों को बताएं और भगवान श्री राम के जीवन के बारे में भी उन्हें अवगत करवाएं। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित सभी बच्चों को मिठाई देकर दीपावली पर्व की बधाई दी।
उपायुक्त ने इस मौके पर बाल कल्याण परिषद में बच्चों द्वारा दीपावली पर्व पर तैयार किए गए उत्पादों जिनमें दीए, मोमबत्ती, व पेंटिंग के साथ-साथ जो अन्य उत्पाद थे उनको देखा व उनकी भूरि-भूरि सराहना की। उन्होने बाल कल्याण परिषद द्वारा बच्चों के उत्थान के लिए विशेषकर स्लम एरिया में रहने वाले बच्चों के लिए जो कार्य एवं गतिविधियां की जा रही है उसकी भी सराहना की
उन्होंने कहा कि बाल कल्याण परिषद को इन गतिविधियों के विस्तार के लिए जो भी प्रशासन की आवश्यकता होगी वह उन्हें उपलब्ध करवाई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान छोटे-छोटे बच्चों ने भगवान श्री राम आएंगे तो मैं अंगना सजाउंगी। भगवान श्री राम पर आधारित लघु नाटिका व सरस्वती वंदना की बेहतर प्रस्तुति पेश की। उपस्थित सभी ने तालियां बजाकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इस मौके पर जिला बाल कल्याण अधिकारी ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर उनका यहां पहुंचने पर अभिनंदन भी किया।
उपायुक्त ने इससे पहले लघु बाल भवन अम्बाला छावनी में कौशल विकास कार्यक्रम के तहत लगभग 200 विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित भी किया। उन्होने इस मौके पर यह भी बताया कि बाल कल्याण परिषद द्वारा कौशल विकास केन्द्र के माध्यम से बच्चों को कम्पयूटर कोर्स, सिलाई-कढाई प्रशिक्षण व ब्यूटी पार्लर के कोर्स के साथ-साथ अन्य स्किल से सम्बन्धित प्रशिक्षण दिया जाता है। आज जिन्हें प्रमाण पत्र वितरित किया गया है उनमें यह सभी प्रतिभागी शामिल हैं। उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा को निखारते हुए जीवन में आगे बढने के लिए आशीर्वाद भी दिया।
इस मौके पर जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक ने मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों का यहां पहुंचने पर स्वागत करते हुए बाल कल्याण परिषद की गतिविधियों बारे विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लघु बाल भवन अम्बाला छावनी में शैल्टर होम भी स्थापित हैं। लघु बाल भवन में हर वर्ष दीपावली पर्व के साथ-साथ होली पर्व, लोहड़ी व 15 अगस्त व 26 जनवरी कार्यक्रमों का आयोजन करवाया जाता है। उन्होने यह भी कहा कि जिला बाल कल्याण परिषद द्वारा बाल अंतोदय की आस - एक नायाब विश्वास के तहत स्लम एरिया में रहने वाले बच्चों के साथ-साथ अन्य बच्चों को आगे लाने के लिए कार्य किए जाते हैं।
इस मौके पर आयुष्मान भारत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी संगीता तेतरवाल (आईएएस), एसीयूटी राहुल कनवरिया, सीईओ शिवालिक एंजैसी पूजा सैनी, ईओ देवेन्द्र नरवाल, जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक, सदस्य बाल कल्याण परिषद राकेश मक्कड़, इंद्रजीत सिंह, बिन्द्रा जी के साथ-साथ अन्य सदस्यगण व गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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