CBI की बड़ी सफलता: यूएई से डिपोर्ट कर भारत लाई गई भगोड़ी विशाखा राठौड़; इंटरपोल के रेड नोटिस पर हुई कार्रवाई
नई दिल्ली, 05 अगस्त (अन्नू): केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) के साथ मिलकर एक बड़ी सफलता हासिल की है। करोड़ों रुपये के बड़े वित्तीय फ्रॉड (Large-Scale Financial Fraud) मामले में वांछित और रेड नोटिस (Red Notice) आरोपी विशाखा राठौड़ को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत वापस (Deport) लाया गया है।
फिक्स्ड मंथली रिटर्न का लालच देकर की थी करोड़ों की ठगी
सीबीआई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति (दिनांक 05.08.2026) के अनुसार:
वित्तीय धोखाधड़ी: आरोपी विशाखा राठौड़ बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी के एक मामले में वांछित थी।
ठगी का तरीका: आरोपी ने अन्य साथियों के साथ आपराधिक साजिश रचकर निवेशकों को विभिन्न योजनाओं में तय मासिक रिटर्न (Assured Fixed Monthly Returns) का झूठा आश्वासन दिया और उनसे भारी धनराशि का निवेश करवाया।
फंड की हेराफेरी: इसके बाद उसने धोखाधड़ी से जमा राशि की हेराफेरी की और रकम को कई अलग-अलग बैंक खातों व डिमैट (Demat) खातों में ट्रांसफर कर ठिकाने लगा दिया।
इंटरपोल का रेड नोटिस और पुणे में गिरफ्तारी
इंटरपोल रेड नोटिस: मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने इंटरपोल (INTERPOL) के जरिए आरोपी के खिलाफ रेड नोटिस जारी करवाया था।
पुणे पुलिस की कस्टडी: 3 अगस्त 2026 को यूएई से डिपोर्ट किए जाने के बाद आरोपी विशाखा राठौड़ पुणे पहुंची, जहां महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने उसे तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया।
भारत में इंटरपोल का नेशनल सेंट्रल ब्यूरो है CBI
सीबीआई, भारत में इंटरपोल के लिए नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (NCB) के रूप में कार्य करती है और 'भारतपोल' (BHARATPOL) के माध्यम से देश की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों (Law Enforcement Agencies) को इंटरपोल चैनलों द्वारा भगोड़ों को वापस लाने में सहयोग प्रदान करती है।
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