फाजिल्का: तेज बरसात के कारण गांव लक्खे के उताड़ में गरीब चौकीदार के मकान की छत गिरी, आशियाना मलबे में तब्दील होने से दाने-दाने को मोहताज हुआ परिवार
अभिकान्त, 17 जून, फाजिल्का: फाजिल्का क्षेत्र में हुई तेज बरसात एक गरीब परिवार के लिए बड़ी आफत बनकर बरसी है। यहां के सीमावर्ती गांव लक्खे के उताड़ में भारी बारिश के कारण एक अत्यंत गरीब व्यक्ति के मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में पीड़ित परिवार का पूरा आशियाना मलबे के ढेर में बदल गया और घर के भीतर रखी गृहस्थी का सारा सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। पीड़ित जत्थेदार मलकीत सिंह ने बताया कि हादसे के समय मूसलाधार बारिश हो रही थी और वह घर के अंदर सो रहे थे। जैसे ही बरसात थमी, वह किसी काम से मकान से बाहर निकले और तभी अचानक एक जोरदार धमाके के साथ उनके मकान की छत ढह गई। इस हादसे में मलकीत सिंह की जान तो बाल-बाल बच गई, लेकिन उनका पूरा घर उजड़ गया।
हादसे की मार झेल रहे पीड़ित मलकीत सिंह ने रुआंसे होते हुए अपनी आपबीती सुनाई कि मलबे के नीचे दबने से घर में रखा बेड, अलमारी और सारा घरेलू सामान टूट चुका है। स्थिति इतनी बदतर हो गई है कि भोजन बनाने के लिए घर में एक बर्तन तक साबुत नहीं बचा है। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए उन्होंने हाल ही में किश्तों पर एक कूलर खरीदा था, वह भी इस मलबे में दबकर चकनाचूर हो गया। मलकीत सिंह एक स्थानीय चौकीदार के रूप में कार्य करते हैं, जिससे उन्हें महज 6,000 रुपये प्रति महीना वेतन मिलता है। इतनी कम आय में परिवार का गुजारा पहले ही अत्यंत मुश्किल से होता था। इन दिनों क्षेत्र में धान की बिजाई का सीजन चलने के कारण उन्हें उम्मीद थी कि अतिरिक्त मजदूरी करके वे कुछ पैसे कमा लेंगे, लेकिन इस अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदा ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
इस समय पीड़ित परिवार के पास सिर छुपाने के लिए छत तक उपलब्ध नहीं है और वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। बेघर हो चुके पीड़ित मलकीत सिंह ने इस गहरे संकट की घड़ी में जिला प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और दानी सज्जनों से तुरंत आर्थिक सहायता, तिरपाल तथा रहने का उचित प्रबंध कराने की भावुक गुहार लगाई है ताकि वह अपने परिवार को इस विकट परिस्थिति से बाहर निकाल सकें।
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