फतेहाबाद: ऑपरेशन जीवन ज्योति के तहत नशा मुक्ति शिविर का आयोजन: 36 पीड़ितों की हुई काउंसलिंग, दी गईं आयुर्वेदिक व एलोपैथिक दवाइयां
फतेहाबाद, 7 जून (अन्नू): जिला पुलिस और प्रशासन द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत धरातल पर पीड़ितों को नया जीवन देने की मुहिम तेज हो गई है। फतेहाबाद में जारी 'ऑपरेशन जीवन ज्योति' (Operation Jeevan Jyoti) अभियान के तहत जिला नशा मुक्ति टीम द्वारा गांव जमालपुर शेखा स्थित भागीरथ ओड धर्मशाला में एक विशाल नशा मुक्ति शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर नशा मुक्ति टीम के प्रभारी उप-निरीक्षक (SI) सुंदर के कुशल नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग और आयुष विभाग के संयुक्त सहयोग से लगाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य भटके हुए युवाओं को इलाज देकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाना है।
एलोपैथिक और आयुर्वेदिक डॉक्टरों की टीम ने संभाला मोर्चा
शिविर के दौरान आधुनिक (एलोपैथिक) और पारंपरिक (आयुर्वेदिक) दोनों पद्धतियों से पीड़ितों का इलाज व मार्गदर्शन किया गया:
स्वास्थ्य विभाग (एलोपैथी): नागरिक अस्पताल से पहुंचे डॉ. दीप और उनकी मेडिकल टीम ने शिविर में आए नशा पीड़ितों के स्वास्थ्य की प्राथमिक जांच की। डॉक्टरों ने जरूरी खून के टेस्ट (Blood Tests) लिखने के बाद पीड़ितों की गहन काउंसलिंग की और उनकी शारीरिक स्थिति के अनुसार मौके पर ही जरूरी एलोपैथिक दवाइयां मुफ्त उपलब्ध करवाईं।
आयुष विभाग (आयुर्वेद): आयुष विभाग से पहुंचीं डॉ. स्वाति और उनकी टीम ने नशा पीड़ितों को बिना किसी साइड इफेक्ट के लत छोड़ने के लिए आयुर्वेदिक उपचार पद्धतियों की विस्तार से जानकारी दी और विभाग की तरफ से आवश्यक आयुर्वेदिक औषधियां प्रदान कीं।
जमालपुर शेखा और आसपास के 36 पीड़ितों ने उठाया लाभ
नशा मुक्ति टीम के प्रभारी एसआई सुंदर ने बताया कि शिविर में पीड़ितों की संख्या उम्मीद के मुताबिक रही, जिससे साफ है कि लोग अब इस लत को छोड़ने के लिए आगे आ रहे हैं। शिविर में कुल 36 लाभार्थियों ने अपनी जांच करवाई:
26 नव चिन्हित पीड़ित: गांव जमालपुर शेखा के ही 26 ऐसे नए युवकों की पहचान की गई जो पहली बार नशा छोड़ने की इच्छा जताकर कैंप में पहुंचे थे।
10 उपचाराधीन पीड़ित: इसके अलावा आसपास के अन्य गांवों के 10 ऐसे पुराने मरीज भी फॉलो-अप के लिए पहुंचे, जिनका इलाज पहले से ही सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में चल रहा है।
नशा केवल व्यक्ति को नहीं, पूरे परिवार को करता है बर्बाद: एसआई सुंदर
ग्रामीणों को जागरूक करते हुए नशा मुक्ति टीम के प्रभारी उप-निरीक्षक सुंदर ने भावुक अपील करते हुए कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को शारीरिक रूप से खत्म नहीं करता, बल्कि उसके पूरे हंसते-खेलते परिवार और समाज को आर्थिक व सामाजिक रूप से बर्बाद कर देता है। इसलिए इसके लक्षणों को छुपाने के बजाय समय पर जागरूक होना और सही डॉक्टरी इलाज शुरू करवाना ही एकमात्र उपाय है।
टीम ने धर्मशाला में उपस्थित प्रबुद्ध ग्रामीणों और मौजिज लोगों से आह्वान किया कि वे अपने गांव को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस का सहयोग करें और यदि उनके आसपास कोई भी पीड़ित है, तो उसे बिना किसी संकोच के उपचार के लिए आगे लाएं ताकि उसे समय पर उचित चिकित्सीय सहायता मिल सके।
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