आर्थिक अपराधों पर प्रभावी अंकुश के लिए SP सिद्धांत जैन ने ली समीक्षा बैठक; निष्पक्ष, पारदर्शी व समयबद्ध जांच के दिए कड़े निर्देश
हिसार, 05 अगस्त (अन्नू): पुलिस अधीक्षक (SP) हिसार सिद्धांत जैन (IPS) ने अपने कार्यालय में आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Wing - EOW) के कार्यों की गहन समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में प्रभारी आर्थिक अपराध शाखा, प्रभारी शिकायत शाखा तथा EOW के सभी अनुसंधान अधिकारी (Investigating Officers) उपस्थित रहे।
लंबित मामलों की एक-एक कर की समीक्षा; डिजिटल साक्ष्यों पर जोर
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज अभियोगों और शिकायतों की एक-एक कर समीक्षा की:
जांच की गुणवत्ता पर नजर: SP ने मामलों की प्रगति, अनावश्यक विलंब के कारणों और जांच की गुणवत्ता का गहन अवलोकन किया।
वैज्ञानिक व डिजिटल साक्ष्य: अनुसंधान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आर्थिक अपराधों में दस्तावेजी (Documentary) और डिजिटल साक्ष्यों (Digital Evidence) का वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण किया जाए।
त्वरित रिकवरी और गिरफ्तारी: जिन मामलों में धोखाधड़ी की राशि की रिकवरी या आरोपियों की गिरफ्तारी संभव है, उनमें तेजी से प्रभावी कानूनी कदम उठाए जाएं।
पीड़ितों से बनाए रखें पारदर्शी संवाद: SP सिद्धांत जैन
पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने जांच अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा:
"आर्थिक अपराध आम नागरिकों की खून-पसीने की कमाई से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच अधिकारी पीड़ित पक्ष के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें, ताकि उन्हें जांच की प्रगति की पारदर्शी जानकारी मिलती रहे।"
हिसार पुलिस का 'जीरो टॉलरेंस' रुख
एसपी ने दोहराया कि हिसार पुलिस वित्तीय धोखाधड़ी, बैंक-साइबर फ्रॉड और आर्थिक अपराधों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस पॉलिसी' (Zero Tolerance Policy) पर काम कर रही है। प्राथमिकताओं में मामलों का समयबद्ध निस्तारण, वांछित अपराधियों की धरपकड़ और ठगी गई राशि की अधिकतम रिकवरी शामिल है।
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