30/06/25

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित, भारी तबाही

आरएस अनेजा, 30 जून नई दिल्ली

मानसून के दस्तक देते ही उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश हो रही है जिससे जन-जीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।

पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के चलते अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन हो रहा है जबकि बादल फट रहे हैं और नदियों ने विकराल रूप धारण कर लिया है। आगे भी जोरदार बारिश की संभावना है जिसके चलते कहीं येलो तो कहीं आरेंज अलर्ट मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी किया गया है।

हिमाचल प्रदेश में प्रदेश के उना, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है। हमीरपुर, कुल्लू और शिमला के कुछ हिस्सों में गरज चमक के साथ भारी बारिश होगी जबकि मंगलवार को बारिश से थोड़ा राहत मिल सकती है। मंगलवार को कांगड़ा, कुल्लू और मंडी के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं बाकी जिलों में मौसम साफ रहेगा। मौसम विभाग ने दो और तीन जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, कुल्लू, सोलन और सिरमौर जिलों के कुछ इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

भूस्खलन के कारण ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाइवे बंद हो गया है। हाइवे पर पहाड़ों का मलबा जमा होने से यातायात पूरी तरह से रोक दिया गया है। वहीं रुद्रप्रयाग में भारी बारिश के चलते अलकनंदा नदी उफान पर है। लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। रुद्रप्रयाग में करीब 36 घंटे से लगातार बारिश जारी है। अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने से आप-पास के घरों को खाली कराया गया है। प्रशासन ने कहा कि बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदी का चल स्तर लगातार बढ़ने से खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों से सतर्क और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और उत्तरकाशी में बारिश से हालत बिगड़े हैं। लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। कही जगहों पर लैंडस्लाइड होने और पुल बहने से तीर्थयात्रियों समेत स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उत्तरकाशी के बड़कोट तहसील और कुथनौर में बादल फटने के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है। एसडीआरएफ-पुलिस और राजस्व विभाग की टीम सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। वहीं यमुनोत्री में पहाड़ों का मलबा आने से आवाजाही रुक गई है। हालांकि मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनों की मदद ली जा रही है। वहीं लैडस्लाइड से 19 लोगों चपेट में आ गए, जिनमें से 10 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है और 9 लोगों की तलाश जारी है। उत्तरकाशी में बादल फटने से दो लोगों की मौत हो गई है।

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