डीआरआई का महा-ऑपरेशन: चीन से मंगाए गए ₹120 करोड़ के प्रतिबंधित ई-सिगरेट जब्त, 'फर्नीचर' की आड़ में हो रही थी तस्करी

आरएस अनेजा, 21 मई नई दिल्ली - राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने प्रतिबंधित निकोटीन उत्पादों के अवैध आयात के विरूद्ध एक बड़ी कार्रवाई में पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के कई बंदरगाहों, हवाई अड्डों और आईसीडी (सूचना नियंत्रण केंद्र) में चलाए गए अपने अभियानों में व्यापक स्तर पर ई-सिगरेट (वेप) तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है।

विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर, डीआरआई ने सीमा शुल्क जांच से बचने के लिए गलत तरीके से घोषित किए गए कई संदिग्ध आयात खेपों की पहचान की, उन पर नज़र रखी और उन्हें जब्त किया। विस्तृत जांच के परिणामस्वरूप विभिन्न ब्रांडों, स्वादों और विशिष्टताओं की लगभग 3,00,000 इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट/वेप्स जब्त की गईं, जिनकी कीमत 120 करोड़ रुपये से अधिक है।

इन प्रतिबंधित ई-सिगरेटों को हर बार चीन से मंगाया गया था और इन्हें "फर्नीचर" और "धातु की कुर्सी के पुर्जों" जैसी वस्तुओं में छिपाकर आयात किया गया था।

भारत में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट और सभी इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन वितरण प्रणालियां (ईएनडी) सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में और लोगों को नुकसान से बचाने के लिए अधिनियमित इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध (उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन) अधिनियम, 2019 के तहत प्रतिबंधित हैं।

Previous

हरियाणा के पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा का सख्त आदेश: बरसात से पहले ठीक हों सड़कें, लापरवाही पर नपेंगे अफसर

Next

कुरुक्षेत्र पुलिस का 'डबल लॉक': डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी से बचाएगा 'अभेद्य' ऐप और डबल OTP सुरक्षा कवच