13/10/25

जिला स्तरीय बाल महोत्सव का शुभारम्भ, बच्चों ने दी अपनी प्रस्तुति

जे कुमार, अम्बाला, 13 अक्टूबर - जिला बाल कल्याण परिषद् के अध्यक्ष एवं डीसी अजय सिंह तोमर ने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेना ही अहम एवं महत्वपूर्ण होता है। बच्चे बचपन से ही अपनी प्रतिभा को निखारकर जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। बाल कल्याण परिषद् द्वारा जो मंच उपलब्ध करवाया गया है, वह बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता हैं।

डीसी ने यह अभिव्यक्ति सोमवार को पंचायत भवन अम्बाला शहर के सभागार में जिला स्तरीय बाल महोत्सव का शुभारम्भ करने के उपरान्त उपस्थित बच्चों, अभिभावकों व अन्यों को सम्बोधित करते हुए कहे। इससे पहले डीसी का यहां पहुंचने पर जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक ने पर्यावरण का प्रतिक पौधा देकर उनका अभिनंदन किया।


जिला बाल कल्याण परिषद् के अध्यक्ष एवं डीसी अजय सिंह तोमर ने दीपशिखा प्रज्जवलित करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया और प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को अपना आर्शीवाद देते हुए उन्हें आगे बढऩे के लिए प्रेरित भी किया। उन्होनें कहा कि बाल कल्याण परिषद् द्वारा यह एक अच्छी पहल है, यहां पर जिला बाल महोत्सव के तहत विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं करवाई जा रही है, जिनमें एकल नृत्य, एकल शास्त्रीय नृत्य, एकल गान, समूह नृत्य, प्रश्नोत्तरी, देशभक्ति समूह गान तथा एकांकी नाटक/नाट्य नाटक जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों का बढ़-चढक़र भाग लेना चाहिए, क्योकि  प्रतियोगिताओं में भाग लेना ही बड़ा अहम होता हैं।

उन्होनें कहा कि बच्चे गिली मिट्टी की तरह होते है, बचपन से ही यदि उन्हें बेहतर मंच मिल जाए तो वे अपनी प्रतिभाओं को निखारकर जीवन में आगे बढ़ सकते है और अपने शहर, जिले व प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत व अभ्यास करके अपने जीवन रूपी लक्ष्य को भी हासिल किया जा सकता हैं। उन्होनें प्रतिभागियों को आगे बढने के लिए प्रेेरित करते हुए कहा कि वे मेहनत करके कल्पना चावला, विराट कोहली, मिताली राज, अक्षय कुमार के जैसे मुकाम पर पहुंच सकते हैं।


जिला बाल कल्याण परिषद् के अध्यक्ष एवं उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने कहा कि बच्चे प्रतिभावान होते है और मेहनत करके अपने लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला बाल कल्याण परिषद् का प्रयास रहता है कि बच्चे अपनी प्रतिभा को निखार कर आगे बढ़ सके, इसके लिए इस दिशा में कार्य भी किए जा रहे है।

बाल कल्याण परिषद् से जो सदस्य जुड़े है वे इस कार्य को आगे भी निरन्तरता में करते रहें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि हम किसी प्रतियोगिता में पीछे भी रह जाए तो हमें निराश नहीं होना है बल्कि और मेहनत व अभ्यास करते हुए जीत हासिल करनी हैं।


इस मौके पर जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए जिला स्तरीय बाल महोत्सव की रूप रेखा बारे विस्तार से जानकारी दी। उन्होनें बताया कि 13 अक्टूबर से लेकर 17 अक्टूबर तक बाल महोत्सव के तहत विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि एक नायाब कदम के तहत विद्यार्थियों को आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इसके लिए स्किल व अन्य कोर्सो को करवाकर विद्यार्थियों को आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिनमें स्लम एरिया में रहने वाले बच्चे भी शामिल हैं और आज यहां पर इन बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना की बेहतर प्रस्तुति दी गई हैं। आज यह बच्चे अपनी कला से अर्निंग हैन्ड भी बने हैं। बाल कल्याण परिषद् द्वारा नारायणगढ़ में लघु बाल भवन स्थापित किया गया है, जिसमें 608 बच्चों का पंजीकरण हुआ हैं।

यहां पर विभिन्न प्रकार के स्किल सम्बधी कोर्स करवाएं जाएगे और चरणबद्ध तरीके से बराड़ा व अम्बाला छावनी में भी बाल भवन में ऐसे कोर्सो को करवाकर विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित भी किया जाएगा। उन्होनें कहा कि इन प्रतियोगिताओं मे विद्यार्थियों ने आगे आकर अपना पंजीकरण करवाया है जोकि बेहद सराहनीय कार्य हैं।


बॉक्स: बाल महोत्सव के दौरान उपायुक्त ने पंचायत भवन के प्रागंण में विद्यार्थियों द्वारा बनाई जा रही चित्रकला प्रतियोगिता, कैंडल प्रतियोगिता व अन्य प्रतियोगिताओं का भी अवलोकन किया और प्रतिभागी विद्यार्थियों द्वारा बनाई जा रही चित्रकला प्रतियोगिता की भी सराहना की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बेहतर प्रस्तुति पेश की गई, जिसकी उपस्थित सभी ने तालियां बजाकर सराहना भी की।


इस मौके पर जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक, बाल कल्याण परिषद् के सदस्य राके श मक्कड़, स्नेह खन्ना, अशोक वर्मा, निर्णायक मंडल सदस्य मिल अस्वरी सिंह, मिल लव्या खन्ना, रेखा सरिन व अरविन्द्र सूरी के साथ-साथ प्रतिभागी विद्यार्थी, अध्यापकगण व गणमान्य लोग मौजूद रहें।

#ambala #dc #news #

Previous

यूजीसी-नेट/जेआरएफ परीक्षा हेतु कोचिंग कार्यक्रम 30 अक्टूबर से

Next

जी.एम.एन. कॉलेज अंबाला में ड्रोन इंटेलिजेंट सिस्टम्स पर 1 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित