दिल्ली पुलिस ANTF का बड़ा अभियान: 'नशा मुक्त भारत' के लिए स्कूलों और मोहल्लों में जागरूकता की लहर
नई दिल्ली, 30 अप्रैल (अन्नू): दिल्ली पुलिस की एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने "नशा मुक्त भारत" के सपने को साकार करने के लिए एक व्यापक सामुदायिक अभियान चलाया। यह पहल केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं थी, बल्कि ANTF की टीमों ने स्कूलों, बाजारों और जेजे (JJ) क्लस्टर्स के जमीनी स्तर पर जाकर नागरिकों से सीधा संवाद किया। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं और समाज के कमजोर वर्गों को नशीली दवाओं के खतरे के खिलाफ सशक्त बनाना और उनमें जिम्मेदारी की भावना जगाना था। यह पूरा कार्यक्रम उपराज्यपाल श्री तरनजीत सिंह संधू और पुलिस आयुक्त श्री सतीश गोलचा के गतिशील नेतृत्व में आयोजित किया गया。
युवाओं को बनाया रक्षा की पहली पंक्ति
ANTF ने दिल्ली के विभिन्न स्कूलों में शिक्षाप्रद सत्र आयोजित किए, जिनमें गांधी नगर के सर्वोदय कन्या विद्यालय और नारायणा के सर्वोदय बाल विद्यालय प्रमुख रहे। इंस्पेक्टर प्रवीण राठी और इंस्पेक्टर विकास पन्नू के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों और शिक्षकों को एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के कड़े कानूनी प्रावधानों और नशीली दवाओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर खतरों के बारे में जानकारी दी गई。 शिक्षकों को नशों के शुरुआती लक्षणों की पहचान करने के लिए प्रशिक्षित किया गया ताकि वे समय रहते हस्तक्षेप कर सकें
जमीनी स्तर पर सामुदायिक जुड़ाव
नशे के खिलाफ इस लड़ाई को सार्वजनिक स्थानों और बस्तियों तक ले जाने के लिए इंस्पेक्टर विजय दहिया, नितेश कुमार, शिव कुमार और राकेश दुहान ने दिल्ली गेट, जनकपुरी, शालीमार बाग और मजनू का टीला जैसे इलाकों में जागरूकता अभियान चलाए। इन सत्रों में स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और युवाओं के साथ अनौपचारिक चर्चा की गई। उन्हें संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया गया और नशीली दवाओं के नेटवर्क को ध्वस्त करने में सामुदायिक सहयोग की भूमिका पर जोर दिया गया。
अभियान के मुख्य आकर्षण और तकनीक का उपयोग
इस कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए कई रचनात्मक तरीकों का उपयोग किया गया:
मानस (MANAS) हेल्पलाइन: छात्रों को सहायता और रिपोर्टिंग के लिए 24/7 चलने वाली हेल्पलाइन 1933 के बारे में बताया गया。
डिजिटल शपथ: ई-प्लेज (e-Pledge) समारोह के माध्यम से सैकड़ों छात्रों ने एक साथ नशा मुक्त जीवन जीने की डिजिटल शपथ ली
संवादात्मक सत्र: विजुअल स्टोरीटेलिंग, पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन और क्विज प्रतियोगिताओं के जरिए विषय को रोचक बनाया गया और विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया
प्रचार सामग्री: नशों के दुष्प्रभावों की जानकारी देने वाले स्टैंडीज, ग्राफिक्स और शैक्षिक सामग्री का वितरण किया गया
दिल्ली पुलिस के अनुसार, उनका मिशन केवल प्रवर्तन नहीं बल्कि शिक्षा भी है, क्योंकि आज के जागरूक युवा ही कल की त्रासदियों को रोक सकते हैं
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