दिल्ली में पहली बार 1 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश, यमुना सफाई, महिला समृद्धि योजना समेत कई घोषणाएं
नई दिल्ली, 25 मार्च (अभी): मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली का अब तक का सबसे बड़ा 1 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया. यह बजट शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला कल्याण और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने वाला है. सरकार ने आयुष्मान योजना का विस्तार, महिला समृद्धि योजना, यमुना सफाई अभियान और व्यापारिक विकास जैसे कई बड़े फैसले लिए हैं.
महिला कल्याण के लिए बड़ा कदम
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महिला समृद्धि योजना का ऐलान किया गया है, जिसके तहत हर महीने 2,500 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इस योजना के लिए 5100 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है.
गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए मातृत्व वंदन परियोजना के तहत 21,000 रुपए की एकमुश्त सहायता दी जाएगी.
स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधार
आयुष्मान योजना का विस्तार – केंद्र सरकार की 5 लाख रुपए तक की मुफ्त इलाज योजना के अतिरिक्त दिल्ली सरकार भी 5 लाख रुपए का कवर जोड़ेगी, जिससे दिल्ली के नागरिकों को अब 10 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलेगा.
अस्पतालों का सुधार – 10 से 12 प्रमुख अस्पतालों के आधुनिकीकरण के लिए 1000 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है.
स्वास्थ्य सुविधाओं का डिजिटलाइजेशन – हर मरीज का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे इलाज की प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम होगी.
सीवेज और जल निकासी के लिए विशेष बजट – राजधानी में जल प्रदूषण और सीवेज समस्या को हल करने के लिए 9,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.
शिक्षा में बड़े बदलाव
स्कूलों में आधुनिक शिक्षा प्रणाली लागू करने के लिए 100 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है.
"पंडित मदन मोहन मालवीय विज्ञान शक्ति मिशन" के तहत 100 स्कूलों में प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी.
गरीब छात्रों के लिए मुफ्त लैपटॉप योजना, जिसमें 10वीं पास करने वाले 1200 छात्रों को लैपटॉप दिए जाएंगे.
बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए "साइंस ऑफ लिविंग" प्रोग्राम शुरू होगा, जिसमें योग और मेडिटेशन को शामिल किया जाएगा.
जल संकट और यमुना सफाई के लिए विशेष योजना
दिल्ली में स्वच्छ जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 500 करोड़ रुपए की लागत से 40 डी-सेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे, जिससे गंदे नालों का पानी यमुना में गिरने से रोका जाएगा.
वाटर बॉडीज के पुनरुद्धार के लिए – 50 करोड़ रुपए
रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए – 50 करोड़ रुपए
इमरजेंसी वाटर स्टोरेज के लिए – 150 करोड़ रुपए
टैंकरों को जीपीएस से जोड़ा जाएगा, जिससे जल वितरण की पारदर्शिता सुनिश्चित होगी.
व्यापार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा
दिल्ली को व्यापारिक हब के रूप में विकसित करने के लिए नए स्टार्टअप्स और व्यापारियों को सरकारी सहायता दी जाएगी. "न्यू एरा ऑफ आंत्रप्रेन्योरशिप प्रोग्राम" के तहत 20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.
दिल्ली को देश का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र बनाने का लक्ष्य.
सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाकर निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा.
व्यापारियों के लिए नियमों में सुधार और कर प्रणाली को आसान बनाने पर जोर.
दिल्ली के विकास की नई दिशा
इस बजट के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ जल और आर्थिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया गया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे "दिल्ली के विकास का खाका" करार दिया है, जिसमें हर वर्ग को सशक्त बनाने की कोशिश की गई है.