25/02/26

गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज, अंबाला कैंट में साइबर फ्रॉड जागरूकता संगोष्ठी का सफल आयोजन

जे कुमार 25 फरवरी 2026 : गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज, अंबाला कैंट के कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग द्वारा दिनांक 24 फरवरी 2026 को विद्यार्थियों के लिए “साइबर फ्रॉड जागरूकता” विषय पर एक प्रभावशाली संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना तथा डिजिटल सुरक्षा से संबंधित आवश्यक और व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डिजाइनिंग मार्ट वेब सॉल्यूशंस के सीईओ श्री संदीप कौशिक तथा विनायक इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर एजुकेशन की सेंटर हेड सुश्री शिखा शर्मा रहीं।

श्री संदीप कौशिक ने अपने संबोधन में डिजिटल सुरक्षा के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए मजबूत पासवर्ड के उपयोग, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अपनाने तथा सुरक्षित ऑनलाइन लेन-देन की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार साइबर अपराधी लोगों को विभिन्न तरीकों से अपने जाल में फंसाते हैं और उनसे सतर्क रहने के उपाय भी साझा किए।

सुश्री शिखा शर्मा ने “साइबर अरेस्ट” जैसी उभरती धोखाधड़ी की प्रवृत्ति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार अपराधी स्वयं को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को भयभीत करते हैं और धन उगाही का प्रयास करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि ऐसे किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की स्थिति में घबराने के बजाय आधिकारिक माध्यमों से सत्यापन करें तथा संबंधित साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय पूर्णतया डिजिटल युग है, जहाँ जीवन के लगभग सभी क्षेत्र इंटरनेट से जुड़े हैं, इसलिए डिजिटल साक्षरता के साथ डिजिटल सुरक्षा की समझ भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को सावधान करते हुए कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक करना, निजी जानकारी साझा करना या बिना सत्यापन किसी कॉल पर विश्वास करना गंभीर परिणाम दे सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का दायित्व केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार और सजग डिजिटल नागरिक बनाना भी है। अंत में उन्होंने कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग की पहल की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थी इस ज्ञान का उपयोग स्वयं तथा समाज को जागरूक करने में करेंगे।

इस अवसर पर कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग की डीन डॉ. प्रबलीन कौर, सहायक प्राध्यापक सुश्री भारती शर्मा तथा सुश्री हर्षिता लांबा भी उपस्थित रहीं। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने विद्यार्थियों को सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने वक्ताओं से प्रश्नोत्तर सत्र में अपने संदेहों का समाधान प्राप्त किया। यह संगोष्ठी न केवल ज्ञानवर्धक रही, बल्कि विद्यार्थियों के लिए डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई।

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