सरकारी स्कूलों में दाखिले का उत्सव: अंबाला में डीईओ ने तिलक लगाकर किया छात्रों का स्वागत, दी नई 'एबीसीडी' की सीख
अंबाला, 5 अप्रैल (अन्नू): अंबाला के सरकारी स्कूलों में दाखिले को एक जन-आंदोलन बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। बलदेव नगर स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित 'प्रवेश उत्सव' के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सुधीर कालड़ा ने एक नई और प्रेरणादायक पहल की। उन्होंने बच्चों को पारंपरिक वर्णमाला की जगह शिक्षा पर आधारित 'नई एबीसीडी' का पाठ पढ़ाया। डीईओ ने स्पष्ट किया कि अब सरकारी स्कूल निजी संस्थानों के मुकाबले कहीं अधिक गुणवत्तापूर्ण और सुविधाओं से लैस हो चुके हैं।
छात्रों का तिलक लगाकर स्वागत, डीईओ ने दिया 'ए फॉर एडमिशन' का नया मंत्र
प्रवेश उत्सव का नजारा किसी भव्य समारोह जैसा रहा, जहां डीईओ सुधीर कालड़ा और प्राचार्या वीना ने नए विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान 10वीं कक्षा में 97% अंक हासिल करने वाली मेधावी छात्रा निकिता का विशेष अभिनंदन किया गया। अभिभावकों को संबोधित करते हुए डीईओ ने कहा कि अब बच्चों को 'ए फॉर एप्पल' नहीं, बल्कि 'ए फॉर एडमिशन', 'बी फॉर बुक', 'सी फॉर कॉपी' और 'डी फॉर ड्रेस' सिखाया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि अभिभावक निजी स्कूलों के भ्रम से निकलकर सरकारी शिक्षा की मजबूती पर भरोसा करें।
पीएम श्री और मॉडल संस्कृति स्कूलों से बदला सरकारी शिक्षा का ढांचा
शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों की सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। डीईओ ने बताया कि पीएम श्री और मॉडल संस्कृति स्कूलों के माध्यम से बुनियादी ढांचे को प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर तैयार किया गया है। यहां न केवल किताबें, वर्दी और मिड-डे मील मुफ्त है, बल्कि हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी माध्यम में भी उच्च स्तरीय शिक्षा दी जा रही है। सुपर-100, बुनियाद और एनएमएमएस जैसे विशेष कार्यक्रमों के जरिए छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जा रहा है।
हर बच्चे को स्कूल पहुँचाना सामूहिक जिम्मेदारी, संस्थाओं का मिल रहा सहयोग
कार्यक्रम के अंत में डीईओ सुधीर कालड़ा ने समाज के हर वर्ग से अपील की कि वे हर योग्य बच्चे को स्कूल तक पहुँचाने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल विभाग का काम नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस नेक मिशन में संपर्क फाउंडेशन और विकल्प जैसी संस्थाएं भी विभाग के साथ मिलकर काम कर रही हैं। शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि इस सत्र में दाखिले के पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़कर सरकारी स्कूलों को शिक्षा का असली केंद्र बनाया जाए।
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