07/07/26

फतेहाबाद: पायनियर स्कूल में बस चालकों को दी साइबर सुरक्षा और 'अभेद्य ऐप' की जानकारी; दहेज न लेने-देने का दिलाया संकल्प

फतेहाबाद, 07 जुलाई, (अन्‍नू): पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देशन में चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम फतेहाबाद की टीम ने बिघड़ रोड स्थित पायनियर स्कूल में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूल बस चालकों को साइबर अपराधों की रोकथाम, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक करना था।

ऑनलाइन निवेश और डिजिटल अरेस्ट के प्रति किया आगाह

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने बस चालकों को आज के दौर में हो रही साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्हें ऑनलाइन निवेश, फर्जी ट्रेडिंग, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, ओटीपी (OTP), केवाईसी (KYC) अपडेट, क्यूआर कोड स्कैन और फर्जी लिंक के जरिए होने वाले फ्रॉड के प्रति सतर्क किया गया। पुलिस ने सख्त हिदायत दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपने बैंक खाते या एटीएम की गोपनीय जानकारी साझा न करें।

अफवाहों से बचें और दहेज प्रथा का करें विरोध

कार्यक्रम में मौजूद महिला सहायक उपनिरीक्षक सुनीता ने बस चालकों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील की। उन्होंने किसी भी भ्रामक संदेश या अफवाह को बिना सत्यापन के आगे न भेजने (शेयर न करने) की सलाह दी। इसके साथ ही उन्होंने दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीति के दुष्प्रभावों पर चर्चा करते हुए सभी चालकों को "न दहेज लेंगे, न दहेज देंगे" का संकल्प भी दिलाया।

ठगी होने पर 'अभेद्य ऐप' और 1930 हेल्पलाइन का लें सहारा

पुलिस टीम ने इस मौके पर सभी प्रतिभागियों को सरकार के 'अभेद्य ऐप' के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे कारगर उपाय है। यदि किसी के साथ किसी भी तरह की साइबर ठगी हो जाती है, तो वह बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करे या ऑफिशियल पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराए, ताकि समय रहते ठगी की गई राशि को ब्लॉक या सुरक्षित किया जा सके।

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